गायत्री परिवार की शताब्दी संकल्प कार्यशाला संपन्न।
बैतूल में एक दिवसीय प्रशिक्षण में 13 विभागों के लिए दिशा-निर्देश। पर्यावरण दिवस से वृक्षगंगा अभियान, 11000 पौधरोपण का संकल्प । रेलवे-बस स्टेशनों पर नि:शुल्क शीतल जल सेवा चलाने की तैयारी।

बैतूल। अखिल विश्व गायत्री परिवार जिला समन्वय समिति द्वारा नवगठित तहसील समन्वय समितियों के सदस्यों को कार्यक्रमों के संचालन हेतु गायत्री शक्तिपीठ बैतूल में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का शुभारंभ डॉ कैलाश वर्मा, मुख्य प्रबंध ट्रस्टी हरवंश आहुजा, उपजोन सदस्य एस.आर. धोटे, जिला समन्वयक रविशंकर पारखे और सह समन्वयक राजकुमार पालीवाल की उपस्थिति में हुआ। डॉ कैलाश वर्मा ने शताब्दी समारोह में लिए गए संकल्पों को पूरा करने के लिए मार्गदर्शन देते हुए कार्यकर्ताओं को संगठन की रीति-नीति से अवगत कराया।
प्रथम सत्र में जिला समन्वयक रविशंकर पारखे और सह समन्वयक राजकुमार पालीवाल ने 13 विभागों में कार्य करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। स्वावलंबन विषय पर निलेश मालवीय ने युवाओं को प्रशिक्षण देते हुए कहा कि बेरोजगारी मानसिक समस्या है और इच्छाशक्ति से आत्मनिर्भरता संभव है। पर्यावरण संरक्षण अभियान के तहत नर्मदा सोलंकी ने जानकारी दी कि 5 जून 2026 से वृक्षगंगा अभियान शुरू कर जिले में 11000 पौधरोपण का संकल्प लिया गया है।
जिला युवा प्रकोष्ठ के माध्यम से रेलवे और बस स्टेशनों पर नि:शुल्क शीतल जल सेवा अभियान चलाने की योजना बनाई गई है, जिससे यात्रियों को स्वच्छ पानी उपलब्ध हो सके। नारी जागरण अभियान की अरूणा देशमुख ने बताया कि प्रत्येक विकासखंड में गर्भोत्सव से लेकर बाल संस्कारशाला तक कार्यक्रम संचालित कर 11 प्रमुख गतिविधियां जिलेभर में आयोजित की जाएंगी। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा संयोजक गुलाबराव चिल्हाटे ने बताया कि इस वर्ष लगभग 30 हजार परीक्षार्थियों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
दोपहर तीन बजे से प्रारंभ हुए सत्र में गायत्री शक्तिपीठ के परिव्राजक लखन बिसोने ने संगीतमय प्रस्तुति के माध्यम से गुरुदेव के सपनों को साकार करने का संदेश दिया। साधना एवं स्वाध्याय अभियान के तहत शंकर कडू ने बताया कि प्रत्येक तहसील में 40 दिवसीय साधना, बृह्मास्त्र अनुष्ठान और लघु अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी अभियान की निर्मला चौधरी और बाल संस्कारशाला अभियान के अजय पंवार ने गांव-गांव तक संस्कार शिक्षा के विस्तार के लिए प्रशिक्षण दिया। उपजोन सदस्य एस.पी. डढोरे ने आदर्श ग्राम योजना की जानकारी दी।
कार्यशाला में तहसील समन्वयक सुरेश पांसे, डॉ मनोज पाटणकर, रजनी सोनी, छगनलाल टेमरवाल सहित पांच तहसीलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




