2400 रुपये एमएसपी पर मक्का खरीदी की मांग, किसानों ने दिया 7 दिन का अल्टीमेटम
भैंसदेही-शाहपुर में युवा आदिवासी विकास संगठन ने सौंपा ज्ञापन


बैतूल। मक्का बेचने पहुंचे जिले के किसानों को मंडियों में 1400–1600 रुपये ही मिल रहे हैं, जबकि सरकार ने एमएसपी 2400 रुपये तय किया है। खरीदी केंद्र शुरू न होने से आदिवासी और छोटे किसान भारी नुकसान में हैं।
इसको लेकर युवा आदिवासी विकास संगठन भैंसदेही और शाहपुर ने एसडीएम के माध्यम से कलेक्टर को ज्ञापन देकर त्वरित कार्रवाई की मांग की। संगठन ने साफ कहा है कि 7 दिन में एमएसपी खरीदी शुरू नहीं हुई तो मामला आयोगों तक ले जाया जाएगा।
ज्ञापन सौंपते समय तिरु डॉ प्रदीप उईके संस्थापक युवा आदिवासी विकास संगठन मध्यप्रदेश, तिरु नंदू आहके अध्यक्ष युवा आदिवासी विकास संगठन भैंसदेही, युवा आदिवासी विकास संगठन शाहपुर संरक्षक तिरु संकेत भलावी, तिरु जंगू उईके, तिरु गोपाल उईके, तिरु जीवनशाह उइके, तिरु गोर्री परते, तिरु दलप उईके, तिरु अशोक उईके, तिरु छोटू उईके, तिरु नेहरू वाडिवा, तिरु दामा धुर्वे, तिरु दिनेश उईके ज्योतिष और दीपक उपस्थित रहे। संगठन ने कहा कि जिले में सरकार द्वारा घोषित एमएसपी के बावजूद मक्का की खरीदी 1400 से 1600 रुपये में हो रही है, जिससे किसानों को प्रति क्विंटल 600 से 800 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। खरीदी केंद्र शुरू न होने, भंडारण और तुलाई में परेशानियों सहित मंडियों में अवैध क्रय को कृषि उपज व्यापार अधिनियम का उल्लंघन बताते हुए संगठन ने तत्काल 2400 रुपये एमएसपी पर खरीदी प्रारंभ करने, प्रत्येक तहसील में केंद्र स्थापित करने, पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया लागू करने, अंतर राशि की भरपाई करने और कम रेट पर खरीद करने वाले बिचौलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। संगठन ने यह भी चेतावनी दी कि यदि 7 दिवस में एमएसपी खरीदी शुरू नहीं हुई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो मामला मानवाधिकार आयोग एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग तक भेजा जाएगा। संगठन ने इसे आदिवासी, सीमांत और छोटे किसानों के हित का गंभीर मुद्दा बताते हुए तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा की है।




