बिजली कंपनी ने तीन साल तक बिल नहीं भेजा, अब 182 घरेलू कनेक्शनों पर थमाया 21 लाख 44 हजार 271 रुपए का बिल
बिजली कंपनी की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे ग्रामीण, 5 गांव की लाइन काटी

बैतूल। विकासखंड प्रभात पट्टन के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायतों के आदिवासी बहुल गांवों पर बिजली विभाग द्वारा अचानक लाखों रुपए की बकाया राशि थोप दिए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। पंचउमरी, कुण्ड, घोरपेंड, पंचमऊ और अमराई गांवों के कुल 182 घरेलू कनेक्शनों पर 21 लाख 44 हजार 271 रुपए का बिल थमा दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बीते तीन वर्षों से न तो बिजली विभाग का कोई कर्मचारी मीटर रीडिंग लेने आया और न ही किसी प्रकार का बिल मांगा गया, ऐसे में अचानक इतनी बड़ी राशि का भुगतान कैसे करें।
इस समस्या को लेकर पंचउमरी, घोरपेंड, पंचमऊ एक्स अमराई कुण्ड ग्राम के ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाडे के साथ बुधवार 30 अप्रैल को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और तत्काल बिजली सप्लाई बहाल करने की मांग की।
– 36 घरेलू कनेक्शन पर 6 लाख 21 हजार 478 रुपए का बिल
गांव के रामराव इवने ने बताया कि केवल उनके गांव पंचउमरी में 36 घरेलू कनेक्शन हैं, जिन पर कुल 6 लाख 21 हजार 478 रुपए का बिल थमा दिया गया है। उन्होंने बताया कि तीन साल से किसी ने बिल मांगा नहीं, हम लोगों ने सोचा कि शासन की किसी योजना के तहत बिजली माफ हो गई होगी। अब अचानक इतना बड़ा बिल देख कर हम घबरा गए हैं। हम मजदूरी कर परिवार चलाते हैं, इतनी बड़ी राशि कहां से भरेंगे।
रामराव इवने ने बताया कि बिजली कंपनी द्वारा दस दिन पहले गांव की लाइन काट दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी राशि जमा करने के बाद ही लाइन चालू की जाएगी। बिजली न होने से छोटे बच्चे रातभर परेशान रहते हैं। यह इलाका जंगल से घिरा है और अंधेरे में जहरीले जीव-जंतुओं का डर हमेशा बना रहता है।
– तीन वर्षों से विभाग की ओर से न तो कोई रीडिंग हुई और न ही बिल दिया गया
अन्य ग्रामीणों गुलाबराव इवने, रमेश गव्हाडे, बाबूराव इवने, मुन्ना इवने ने भी बताया कि इतने अधिक बिल की जांच होनी चाहिए, क्योंकि वे अपने घरों में केवल लाइट और पंखा चलाते हैं, फिर भी लाखों रुपए का बिल आना समझ से परे है। जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाडे ने कलेक्टर की अनुपस्थिति में अपर कलेक्टर को ग्रामीणों की व्यथा से अवगत कराते हुए मांग की कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और ग्रामीणों की बिजली तुरंत चालू की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जब तीन वर्षों से विभाग की ओर से न तो कोई रीडिंग हुई और न ही बिल दिया गया, तो ग्रामीणों पर एकमुश्त लाखों का बिल थोपना न्यायसंगत नहीं है।
– इन गांवो में थोपे गए लाखों के बिल
बिजली कंपनी के बिसनूर कार्यालय द्वारा जिन पांच गांवों पर कुल बकाया बताया गया है, इनमें पंचउमरी 36 कनेक्शन पर 6,21,478 रुपए, घोरपेंड 28 कनेक्शन पर 1,94,267 रुपए, पंचमऊ 73 कनेक्शन पर 6,96,733 रुपए, अमराई 25 कनेक्शन पर 3,93,835 रुपए, कुण्ड 20 कनेक्शन पर 2,37,958 रुपए। इस प्रकार कुल 182 घरेलू कनेक्शनों पर बिजली कंपनी ने 21,44,271 रुपए की बकाया राशि दर्शाई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निवेदन किया है कि मामले की जांच कर बकाया राशि की वास्तविकता को स्पष्ट किया जाए और बिजली सप्लाई तुरंत बहाल की जाए ताकि छोटे बच्चों व बुजुर्गों को इस गर्मी और अंधेरे में राहत मिल सके।





