जल-जंगल-जमीन के अधिकारों के लिए भोपाली से निकली वन अधिकार यात्रा
आदिवासी स्वशासन और वन अधिकारों की मान्यता को लेकर जयस का बड़ा अभियान

बैतूल। जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के संकल्प के साथ जय आदिवासी युवा शक्ति के तत्वावधान में गुरुवार 5 फरवरी को सुबह 9 बजे भोपाली से सामुदायिक वन अधिकार यात्रा का शुभारंभ हुआ।
इस यात्रा में जय आदिवासी युवा शक्ति मध्य प्रदेश के नेतृत्वकर्ता संदीप कुमार धुर्वे नर्मदापुर संभाग अध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष जयस बैतूल, जयस संरक्षक राजा धुर्वे, एडवोकेट महेश शाह, जयस उपाध्यक्ष रितिक बाबा परते, घोड़ाडोंगरी ब्लॉक प्रभारी राजेंद्र, दीपक ब्लॉक अध्यक्ष, सालेन्द्र सहित बड़ी संख्या में जयस कार्यकर्ता एवं ग्रामवासी शामिल रहे। संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक एवं मनावर विधायक डॉ. हिरालाल अलावा के नेतृत्व में यह आंदोलन आदिवासी एवं ग्रामीण अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ा रहा है।
जयस ने बताया कि भारत की संसद द्वारा पारित वन अधिकार अधिनियम 2006 जनवरी 2008 से लागू होने के बावजूद आज तक उसका पूर्ण पालन नहीं हुआ। 1980-81 के पटवारी मानचित्र, खसरा पंजी, निस्तार पत्रक और अतिक्रमण पंजी से जुड़ी जमीनों पर शासन के 4 सितंबर 2024, 16 अप्रैल 2025 और 7 अक्टूबर 2025 के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। निस्तार की भूमि, बड़े झाड़-छोटे झाड़ के जंगल, पहाड़, चट्टान और घास की जमीनों पर वन विभाग द्वारा अवैध कब्जे और पीएफ घोषित करने का विरोध किया गया।
यात्रा के माध्यम से मांग की गई कि ग्रामसभा एवं ग्राम पंचायत को इन समस्त भूमि पर अधिकार, नियंत्रण और प्रबंधन सौंपा जाए, सामुदायिक व व्यक्तिगत वन अधिकार तत्काल मान्य किए जाएं, देव धामी, पूजा स्थल, रास्ते, नदी-नाले, तालाब और मछली पकड़ने के अधिकार ग्रामसभा को दिए जाएं तथा पटवारी मानचित्र व खसरा पंजी में सभी अधिकारों की प्रविष्टि की जाए।
जयस ने घोषणा की कि बैतूल जिले के 10 ब्लॉकों में यह वन अधिकार यात्रा निकाली जाएगी और 23 फरवरी को लगभग 10 हजार लोगों की उपस्थिति में जिला कलेक्टर को सामुदायिक वन अधिकारों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा जाएगा।




