Betul News: जिला अस्पताल में मजदूरों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा ठेकेदार

Betul News:जिला अस्पताल में मजदूरों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा ठेकेदार
पुताई करते समय रस्सी का झूला टूटने से एक मजदूर गंभीर रूप से हुआ घायल

जिला अस्पताल

बैतूल। जिला अस्पताल में इमारतों का पुताई कार्य चल रहा है। पुताई कार्य करवाने वाला ठेकेदार मजदूरों की जिंदगी से खिलवाड़ करने में लगा हुआ है। जिला अस्पताल में चल रहे पुताई कार्यों के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए कोई इंतेजाम नहीं किए गए है।

ठेकेदार की इस लापरवाही के चलते गुरुवार को एक मजदूर की जान पर बन आई। जिला अस्पताल में बैतूल की पुताई करते समय रस्सी का झूला टूटने से एक मजदूर लगभग 15 से 10 फिट की ऊँचाई से नीचे गिर गया। मजदूर के हाथ मे गंभीर चोट आई है। हालांकि यहां एक बड़ा हादसा होने से टल गया है। रस्सी का झूला टूटने से मजदूर गुलाबराव डोंगरे उम्र 55 वर्ष नीचे गिर गया। मजदूर के हाथ मे गंभीर चोट आई है। जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया है। इस हादसे के बाद कंपनी की गंभीर लापरवाही सामने आई है।
लाखन सिंह चौहान कंपनी को मिला है ठेका —
जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल की पुताई का काम लाखन सिंह चौहान कंपनी को दिया है। हादसे के बाद मजदूरों की सुरक्षा में बड़ी चूक का नजारा देखने को मिला। जब मजदूर रस्सियों की मदद से लटकर पुताई का कार्य कर रहे थे। इन मजदूरों के पास सुरक्षा बेल्ट तथा हेलमेट नहीं थे। कंपनी की तरफ से पुताई कर रहे मजदूरों को कोई सेफ्टी दस्ताने भी नही दिए गए थे।
श्रम विभाग भी बना उदासीन —
बताया जा रहा है कि इस इमारत के निर्माण में ———- मजदूर कार्य में लगे हुए है जिनका कंपनी ने ना ही बीमा कराया है ना ही कार्य के दौरान सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराएं। मजदूरों की सुरक्षा को लेकर श्रम विभाग भी उदासीन बना हुआ है पूर्व में भी कई जगह इमारत से गिरने से मजदूरों के साथ हादसे हो चुके है लेकिन फिर भी श्रम विभाग समय- समय पर जांच करने नहीं पहुंचता है।
यह है हादसे की सबसे बड़ी वजह–
जिला अस्पताल में पुताई कार्य के लिए ठेका देने के पूर्व अस्पताल प्रबंधन द्वारा सुरक्षा मापदंडों की अनदेखी की गई। यही हादसे की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। नियम के अनुसार ठेकेदार को सुरक्षा मापदंडों का उपयोग करने के निर्देश दिए जाने थे। अगर नियमों की अनदेखी हो रही है तथा मजदूरों की सुरक्षा में लापरवाही बरती जा रही है तो इसमें जिला अस्पताल प्रबंधन भी जिम्मेदार है। जानकारी यह भी सामने आई है कि ठेकेदार कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण करने का दबाव बनाता है जिसके कारण हमेशा हादसे की संभावना बनी रहती है। अधिकारी जांच करने पहुंचते है तो वे भी मजदूरों की सुरक्षा पर संवेदनशील नजर नहीं आते है।

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