Demand for action against those responsible: जिला अस्पताल में गर्भवती महिला को डॉक्टर न होने पर निजी अस्पताल रेफर

बैतूल। जिला अस्पताल में गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान इलाज से वंचित कर निजी अस्पताल में भेजने का गंभीर मामला सामने आया है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयुक्त सचिव अजय सोनी ने इस मामले में सीएमएचओ से शिकायत करते हुए दोषी डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना 25 अगस्त 2024 की है, जब गर्भवती महिला रेखा गीद को भैंसदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से 108 एंबुलेंस के माध्यम से रात 2 बजे जिला अस्पताल रेफर किया गया था। तकरीबन 3 बजे, जब उनके पति धन्नू गीद ने अस्पताल के पर्ची काउंटर पर रेफरल स्लिप दिखाकर नई पर्ची बनवाई, तो पर्ची में गलत नाम और पता दर्ज कर दिया गया। नर्स ने डॉक्टर के उपलब्ध न होने का हवाला देते हुए कहा कि डॉक्टर सुबह 10-11 बजे आएंगे। इस बीच, नर्स ने महिला की गंभीर हालत का भय दिखाकर उन्हें निजी अस्पताल में प्रसव कराने के लिए प्रेरित किया।
परिणामस्वरूप, रेखा गीद को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें सिजेरियन प्रसव के लिए 40 हजार रुपये का भुगतान करना पड़ा। अजय सोनी ने सीएमएचओ से मांग की है कि इस गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषी डॉक्टर, स्टाफ नर्स, और पर्ची काउंटर के कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि जिस परिवार को यह आर्थिक और मानसिक कष्ट झेलना पड़ा, उन्हें यह राशि वापस दिलाई जाए।
सीसीटीवी फुटेज की जांच और कार्रवाई की मांग
अजय सोनी ने अपने शिकायत पत्र में अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच करने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उक्त रात में किसकी लापरवाही के कारण गर्भवती महिला को सही समय पर इलाज नहीं मिल पाया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मामले में दोषियों पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो आम आदमी पार्टी सड़क पर उतरकर धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी। शिकायत करने वालों में अजय सोनी के साथ विनोद जगताप, सपन कामला, श्रीराम मानकर, रमेश भूमरकर, ललित देशमुख, मनोहर पचोरिया, विशाल भालेकर, मयूर सालोड़े, शिबू विश्वकर्मा, आशीष ठाकरे शामिल थे।




