रगड़ गांव के प्राथमिक स्कूल में 7.39 लाख की लागत से बनेगी स्कूल की बाउंड्री वाल, बच्चों को मिलेगा सुरक्षित माहौल
जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े एवं ग्राम सरपंच प्रवीण कुमरे ने किया भूमिपूजन

मुख्य सड़क से सटे स्कूल में अब नहीं रहेगा हादसे का डर, बाउंड्री वाल निर्माण शुरू
ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी, स्कूल बाउंड्री वाल से बढ़ेगी बच्चों की सुरक्षा
बैतूल। रगड़ गांव में प्राथमिक शाला भवन की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। विकासखंड प्रभात पट्टन के अंतर्गत ग्राम पंचायत रगड़ गांव में 7.39 लाख की लागत से बनने वाली प्राथमिक शाला की बाउंड्री वाल का भूमि पूजन जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े एवं ग्राम पंचायत रगड़ गांव के सरपंच प्रवीण कुमरे ने विधिवत रूप से किया। इस अवसर पर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कार्य की शुरुआत हुई।
– स्कूल परिसर की सुरक्षा की दिशा में ठोस पहल
ग्राम पंचायत रगड़ गांव का प्राथमिक स्कूल मुख्य मार्ग से लगा होने के कारण लंबे समय से सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई थी। छोटे बच्चे खेलते समय अनजाने में सड़क पर चले जाते थे, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। इसी को ध्यान में रखते हुए बाउंड्री वाल निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
– ग्रामीणों और शिक्षकों की मांग को मिला समाधान
जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े ने बताया कि ग्रामीणों और स्कूल के शिक्षकों द्वारा बाउंड्री वाल निर्माण की मांग लगातार की जा रही थी। स्कूल की स्थिति को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता थी। अब बाउंड्री वाल बनने से स्कूल परिसर सुरक्षित रहेगा और शिक्षकों को भी बच्चों पर अतिरिक्त नजर रखने की मजबूरी से राहत मिलेगी।
– माता-पिता की चिंता होगी कम, बच्चे रहेंगे सुरक्षित
बाउंड्री वाल निर्माण से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, अभिभावकों की चिंता भी दूर होगी। स्कूल परिसर स्पष्ट रूप से सीमांकित होने से बच्चों का आवागमन सुरक्षित दायरे में रहेगा और शिक्षण वातावरण भी बेहतर होगा।
भूमि पूजन कार्यक्रम में रमेश गव्हाड़े, सुंदर धुर्वे, बिजेश बडोदे, पूर्व सरपंच गोकूल पंडोले, रमेश बराये, पूर्व जनपद सदस्य सुकाली उइके, संजू डढोरे, गणेश पंडोले, मुन्ना लोखंडे, शिक्षक काशीनाथ वायकर, सुरेभान, मोहनलाल सिमईया, कविता कोसे, हेमलता धाकड़ सहित बड़ी संख्या में बच्चे और ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी ने इस कार्य को गांव और बच्चों के भविष्य के लिए आवश्यक कदम बताया।




