public awareness journey: घोड़ाडोंगरी के ग्राम गुवाड़ी पहुंची कोरकू समाज जोड़ो जन जागरूकता यात्रा

कोरकू समाज की रूढ़ीप्रथा रीति-रिवाज, शिक्षा, कुरीति एवं नशा मुक्त समाज बनाने किया जागरूक

 

बैतूल। आदिवासी कोरकू उन्नतिशील समाज एजुकेशन एण्ड सोशल वेलफेयर सोसायटी जिला बैतूल मध्यप्रदेश की जिला स्तरीय कोरकू समाज जोड़ो जन जागरूकता यात्रा 5 अप्रैल को घोड़ाडोंगरी के ग्राम गुवाड़ी पहुंची।

कोरकू समाज के वरिष्ठ समाज सेवी, समाज सुधारक एवं रूढ़ीप्रथा रीति-रिवाज संस्कृति प्रचारक खुशराज भूरी-भाकलू ढिकू दहीकर कोरकू आदिवासी ने अपने संबोधन में कहा संगठित एवं शिक्षित समाज ही अपने समाज के हित में तेजी से चहुंमुखी विकास कर सकता है। जिसमें समाज के शिक्षित युवक एवं युवतियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। समाज के बच्चों को अच्छी शिक्षा देना, रूढ़ीप्रथा रीति-रिवाज का पालन करना और शराब के उपयोग अथवा सेवन पर स्थानीय सामाजिक न्यायालय गांव चावड़ियों के माध्यम से अंकुश लगाना होगा। कोरकू बोली-भाषा, कोरकू गोती, वेश-भूषा एवं रीति रिवाज को बचाने के साथ समाज ही वर्तमान समय में रीति-रिवाज में प्रचलित कुरीतियों से गरीब तबके के लोगों पर अनावश्यक खर्च के बोझ को कम करना यात्रा का उद्देश्य है। जैसे-जन्म, लगुन एवं मरण के खोंटा पूजन मात्र कोरकू रीति-रिवाज से कोरकू समाज के भगत-भूमका अथवा पड़ियार से सम्पन्न खोंटा-पूजन को ही हमारे पित्तर एवं देवी-देवता स्वीकार करके ग्रहण करते है। मृतक की अंतिम गति के बाद केवल तीसरा करने का रिवाज लाखों सालों की प्राचीन पूर्वजों की परम्परा है। कोरकू आदिवासी समाज में दसवां तेरव्ही जैसी मृत्यु भोज का प्रचलन नहीं है।

— युवाओं को बताए तीन संकल्प–

ग्राम गुवाड़ी में जन जागरूकता यात्रा के दौरान धनसिंग एवं लाबसिंग ढिकू काजले परिवार की माता दिवंगत कस्तूरी ढिकू काजले के मिमलाव एवं बेबेल्ला (श्रद्धांजली) कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। जिसमें कोरकू समाज के वरिष्ठ एवं जानकार समाज सेवी मदन दरसीमा चौहान निवासी रानीपुर ने युवक-युवितयों को समाज की संस्कृति को बचाने के लिये तीन काम करने का संकल्प याद दिलाया, पहला शिक्षा के क्षेत्र में जन जागरूकता, दूसरा पारम्परिक रूढ़ीप्रथा रीति-रिवाज को अपनाने के लिये जागरूक करना, जो कोरकू आदिवासी होने की हमारी मूल पहचान है, तीसरा समाज को नशे से होने वाली हानि के संबंध में जन जागरूकता अभियान के तहत उन्हें समझाईश देकर नशे की लत से मुक्त करना। उज्जवल सिंह आटकोम मवासे समाज सेवी एवं अध्यक्ष, विकास खण्ड घोड़ाडोंगरी कोरकू समाज समिति रानीपुर ने अपने संबोधन में कहा कि कोरकू समाज के युवा संगठन से जुड़कर समाज सेवा एवं समाज सुधार के क्षेत्र में काम करेंगे तो निश्चित ही हमारे पिछड़े और बुनियादी मूलभूत सुविधाओं से वंचित समाज को हम अपना हक और अधिकार के साथ ही बुनियादी सुविधाएं मुहैया करा सकेंगे और समाज को विकास की मुख्य धारा से जोड़ पायेंगे।

— प्राचीन रूढ़ी प्रथा की जानकारी दी–

इस अवसर पर कोरकू समाज के लमटी वाले बजरंग मंदिर के भगत भूता कोरकू भक्तनढाना ने समाजजनों को पूर्वजों की प्राचीन पारम्परिक रूढ़ीप्रथा रीति-रिवाज की बारिकियों के साथ जिले में स्थित कोरकू समाज के धार्मिक एवं तीर्थ स्थलों एवं पचमढ़ी के भूरा भगत कोरकू आदिवासी समाज के थे आदि महत्वपूर्ण जानकारी से अवगत कराया और समाज के चहुंमुखी सर्वांगीण विकास के लिये कोरकू आदिवासी समाज संगठन को मजबूत बनाने उपस्थित सामाजिक जनों को संकल्प दिलाया। इस अवसर पर विभिन्न ग्रामों के समाज के वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button