Cheated Rs 35,500 by tricking: लाड़ली लक्ष्मी योजना में नाम जोड़ने का झांसा देकर 35,500 रुपये ठगे, पीड़ित ने की कलेक्टर से शिकायत
महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर समेत दो पर ठगी का आरोप, धमकी देने का मामला भी सामने आया

बैतूल। आमला ब्लॉक के ग्राम मांडई के किसान दुमनलाल पिता नत्थू यदुवंशी ने कलेक्टर के समक्ष एक आवेदन प्रस्तुत करते हुए लाड़ली लक्ष्मी योजना में नाम जोड़ने का झांसा देकर 35,500 रुपये ठगने की शिकायत की है। आवेदक दुमनलाल ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग, आमला में कार्यरत सुपरवाइजर वर्षा पंवार और आंगनवाड़ी सहायिका हेमलता मगरदे ने मिलकर उनसे यह रकम हड़पी है।
आवेदन के अनुसार, दुमनलाल की पत्नी का नाम बसंती है और उनके एक पुत्र व एक पुत्री हैं। 28 दिसंबर 2023 को अनावेदक हेमलता उनके घर आई और कहा कि उनके बच्चे का लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत कार्ड बनना है। उसने बताया कि अगले दिन सुपरवाइजर मेडम आने वाली हैं और आंगनवाड़ी केंद्र पर आने का आग्रह किया।

29 दिसंबर को दुमनलाल और उनकी पत्नी आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचे, जहां सुपरवाइजर वर्षा पंवार से फोन पर बात करवाई गई। वर्षा पंवार ने कहा कि नाम जोड़ने के लिए कुछ खर्चा लगेगा। इसके बाद, 1 जनवरी 2024 को वर्षा पंवार स्वयं केंद्र पर आईं और उन्होंने कहा कि 35 हजार 500 रुपये अभी देने होंगे और नाम जुड़ने के बाद 1 लाख 50 हजार रुपये मिलने पर 20 हजार रुपये और देने होंगे। दुमनलाल ने चार ग्रामीणों – अंगद मगरदे, जोगी मगरदे, नंदन मगरदे और रमेश मगरदे – के सामने 24 जनवरी को वर्षा को 35 हजार 500 रुपये दिए। बावजूद इसके, कार्ड नहीं बना। जब दुमनलाल ने पैसे लौटाने की मांग की, तो दोनों अनावेदकों ने उन्हें धमकियां दीं। दुमनलाल ने आरोप लगाया कि सुपरवाइजर मेडम ने शुरू में अपना नाम रोशनी बताया था, जबकि बाद में पता चला कि उनका असली नाम वर्षा पंवार है।
शिकायत में बताया गया है कि दुमनलाल ने 15 मई 2024 को सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें गलतफहमी के चलते उनके नाम की जगह कोमल यदुवंशी दर्ज हो गया था। इसके बाद, 21 अगस्त को महिला एवं बाल विकास कार्यालय में उन्हें बुलाया गया, जहां अधिकारी ने शिकायत वापस लेने का दबाव बनाते हुए कहा कि यदि वे शिकायत वापस लेंगे, तो उन्हें पैसा दिलवा दिया जाएगा। दुमनलाल द्वारा शिकायत वापस नहीं लेने पर हेमलता ने उन्हें धमकी दी कि अगर उन्होंने शिकायत जारी रखी, तो उनकी सभी योजनाएं बंद करवा दी जाएंगी।
आवेदन में यह भी उल्लेख है कि 26 अगस्त को दुमनलाल ने ग्राम पंचायत की बैठक बुलाई, जिसमें पंचायत के समक्ष उन्होंने अपनी बात रखी, परंतु हेमलता ने आने से इनकार कर दिया। दुमनलाल और ग्राम के कोटवार ने कई बार हेमलता को बुलाने की कोशिश की, परंतु वह उपस्थित नहीं हुईं।
दुमनलाल ने कलेक्टर से निवेदन किया है कि अनावेदक वर्षा पंवार और हेमलता मगरदे के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि दोनों ने झूठे नाम का इस्तेमाल कर एक साधारण ग्रामीण को ठगने का प्रयास किया और पैसे लौटाने के बजाय धमकियां दीं। पीड़ित ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।




