Chant 1.25 lakh Guru Mantras: साधक परिवार ने वसंत पंचमी पर सवा लाख गुरु मंत्र जाप कर किया दिव्य अनुष्ठान

बैतूल। वसंत पंचमी के पावन अवसर पर निखिल मंत्र विज्ञान सिद्धाश्रम साधक परिवार के साधकों ने मां शक्ति स्वरूपा श्री विद्या रेणुका देवी धाम, छावल (आमला) में दिव्य अनुष्ठान संपन्न किया। इस आयोजन में सवा लाख गुरु मंत्र जाप एवं विशेष मंत्रों से आहुतियां अर्पित की गईं, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। इस दिव्य अनुष्ठान में बैतूल, आमला, सारणी, भैंसदेही, चिचोली, आठनेर, मुलताई सहित छिंदवाड़ा, होशंगाबाद और महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में साधकगण पधारे और पुण्य अर्जित किया।
– अनुष्ठान में मिली दिव्य अनुभूति
समिति के मीडिया प्रभारी नितिन अग्रवाल ने बताया कि कई साधकों ने इस अनुष्ठान में भाग लेने के बाद अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि यह स्थान साधना और अनुष्ठान के लिए अत्यंत दिव्य है। जैसा उन्होंने सुना था, वैसा ही अनुभव भी किया। कुछ साधकों ने यह भी बताया कि उन्हें अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के संकेत भी प्राप्त हुए हैं। समय, स्थान और दिव्यता के संगम से यहां साधकों को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति हुई।
-साधकों की समर्पित सेवा से हुआ सफल आयोजन
इस अनुष्ठान को सफल बनाने में व्यवस्थापक श्यामराव खडसे, अमर विश्वकर्मा, बबलू पवार, सुरेश डबाके, रवि विजयकर, रविंद्र धोटे, रूसीलाल यादव, विमल बचले, उदय मालवी, बीआर जावलकर, संतोष कावड़कर, विक्रम बेले, गणेश साहू, निश्चल कमाविसदार, रघुनाथ लोखंडे, गुलाबराव गावंडे, जगन उइके, आरडी कुमरे, दयाराम उपराले, विवेक राठौर, सुरेश खातरकर, संजय कावनपूरे, तुलसीराम यादव, चंद्रकांत मालवीय, संतोष शुक्ला, राजश्री, निखिल, दिनेश माकोड़े, भावना चौरासे, रजनी गढ़वाल, चिंद्या बरडे, रीता धुर्वे, आशा अग्रवाल, किरण राठौर हर्षा मनोज अग्रवाल ने विशेष योगदान दिया। इन सभी की मेहनत और साधकों के सहयोग से कार्यक्रम को भव्य रूप से संपन्न किया गया। पूजा-अर्चना और अनुष्ठान को विधिपूर्वक संपन्न कराने में रुखमंत विश्वकर्मा, शैलेंद्र गायकवाड, सुरेश साहू और एसके सोनी का विशेष सहयोग रहा। उनके मार्गदर्शन में ही मंत्र जाप और हवन की सभी प्रक्रियाएं पूर्ण की गईं। इस अवसर पर सैकड़ो साधकों ने साधना की।
– साधक परिवार ने व्यक्त किया आभार
कार्यक्रम के समापन पर अमर विश्वकर्मा ने समस्त साधक गुरुभाइयों, साधक परिवार और अन्य धर्म प्रेमियों का हृदय से आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि इस अनुष्ठान का उद्देश्य साधकों को आध्यात्मिक रूप से सशक्त करना और साधना के प्रति जागरूकता बढ़ाना था, जो पूर्ण रूप से सफल रहा। सिद्धाश्रम के इस आयोजन ने साधकों को दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा का अहसास कराया, जिससे सभी ने आत्मिक शांति प्राप्त की।




