ceiling plaster fell: अचानक उखड़कर गिर गया अस्पताल की छत का प्लास्टर
बड़ा हादसा टला- मौके पर मौजूद नहीं थे स्टाफ के कर्मचारी

वार्ड पार्षद नेहा रुपेश आर्य ने नया भवन स्वीकृत करने की मांग की, कार्यवाही नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी
बैतूल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिचोली में स्थित स्टाफ कक्ष की छत का प्लास्टर अचानक उखड़ कर गिर गया। गनीमत यह रही कि जिस जगह प्लास्टर गिरा, वहां पर स्टाफ के कर्मचारी मौजूद नहीं थे। जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना सोमवार सुबह की बताई जा रही है। गौरतलब है कि ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए दशकों पहले चिचोली ब्लॉक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण कराया गया था, लेकिन अब इस स्वास्थ्य केंद्र की दुर्दशा हो रही है। पूरा भवन जर्जर स्थिति में पहुंच गया है। पूर्व में अस्पताल की जर्जर स्थिति को देखते हुए वार्ड पार्षद नेहा रूपेश आर्य ने आवेदन के माध्यम से प्रशासन के अधिकारियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जर्जर स्थिति से अवगत कराया था। इसके बावजूद भी इस पर ध्यान नहीं देने के चलते सोमवार को यह घटना घटित हो गई। पार्षद नेहा आर्य का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर ध्यान नहीं दिया तो यहां आगे स्थिति बिगड़ सकती है। छत का प्लास्टर गिरने के बाद उन्होंने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर नया भवन स्वीकृत करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई तो वह आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
— अव्यस्था का केन्द्र बनकर रह गया अस्पताल–
कलेक्टर को सौंपे आवेदन में उन्होंने बताया कि चिचोली विकास खण्ड का एक मात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अव्यस्था का केन्द्र बनकर रह गया है। दिन प्रतिदिन समस्याएं कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही है। अनेक बार शासन-प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद भी प्रशासन मौन है और आंखे बंद कर बैठा हुआ है। छत कर्मचारियों के स्टाफ कक्ष में गिर गई, घटना के वक्त कर्मचारी कक्ष में उपस्थित थे, लेकिन वे दुर्घटना के शिकार होने से बच गए। उन्होंने बताया जब अस्पताल बिल्डींग की यह हालत है तो इससे अंदाजा लगा सकते है कि अस्पताल के लगभग हर रूम की यही स्थिति होगी।
— नये भवन की मांग–
पार्षद नेहा आर्य का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चिचोली सम्पूर्ण विकास खण्ड सहित लगभग 3 विकास खण्ड के ग्रामों की आबादी की स्वास्थ्य सुविधाओं के लिये महत्वपूर्ण है। जिसके अंतर्गत लगभग 2 लाख से अधिक की आबादी उक्त स्वास्थ्य केन्द्र पर निर्भर है। इसलिए इसका उन्नमुखीकरण कर सिविल अस्पताल बनाया जाए। वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मात्र एक डॉक्टर की पदस्थापना है। शासन के नियमानुसार महिला डॉक्टर सहित लगभग 07 डॉक्टरों की पदस्थापना होना चाहिए। जिस कारण मरीजों को सबसे ज्यादा कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। लोग ईलाज के अभाव में परेशान है। कोई उनकी सुध लेने वाला नही है। उन्होंने पुरूष सहित महिला डॉक्टर की पदस्थापना की मांग की।
— बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य तत्काल किया जाए–
पार्षद ने मांग की है कि सम्पूर्ण सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर व स्टाफ क्वाटर का सीमांकन किया जाकर चारो ओर बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य तत्काल किया जाए। नये भवन की स्वीकृति शासन से तत्काल कराई जाए। जिससे कर्मचारियों एवं मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
— तत्काल डॉक्टरों की पदस्थापना की जाए —
इसके साथ ही पार्षद द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थिति सुधारने के लिए तत्काल डॉक्टरों की पदस्थापना करने की मांग की है। मांगों का निराकरण नहीं होने पर चिचोली बंद एवं उग्र आआंदोलन की चेतावनी दी गई है। ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला बैतूल, कमिश्नर नर्मदापुरम संभाग, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बैतूल की ओर प्रेषित की गई है।




