music festival: बैतूल जिले के संगीतकार मुकेश झारे की प्रस्तुति से गूंजा नेहरू कल्चरल भवन
41वीं पुण्यतिथि पर 'यादें रफी' का आयोजन, संगीत प्रेमियों का उमड़ा जनसैलाब

“निकला न करो तुम सज धज कर” गीत पर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी महफिल
बैतूल। ओबेरॉय म्यूजिकल ग्रुप रायपुर द्वारा नेहरू कल्चरल भवन भिलाई में मशहूर गायक मोहम्मद रफी की 41वीं पुण्यतिथि के अवसर पर ‘यादें रफी’ संगीत महफिल का आयोजन किया गया। इस खास अवसर पर जिले के संगीतकार मुकेश झारे ने अपनी शानदार प्रस्तुति से श्रोताओं का दिल जीत लिया। विगत 15 वर्षों से इस भव्य आयोजन में संगीत संचालन एवं निर्देशन की जिम्मेदारी बैतूल के ही संगीत निर्देशक तरुण पहाड़े के कुशल हाथों में रही है। कलाकार इस कार्यक्रम में विभिन्न स्थानों से आकर अपने गीत-संगीत के माध्यम से महान गायक रफ़ी साहब को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं।

‘यादें रफी’ महफिल में मुकेश झारे ने रफी साहब के प्रसिद्ध गीत “निकला न करो तुम सज धज कर” को अपने सुरों में पिरोया, जिससे पूरी सभा तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी। मुकेश झारे ने कहा, रफी साहब के गीतों में एक अलग ही जादू है, जिसे गाना मेरे लिए गर्व की बात है।मुकेश झारे ने बताया ओबेरॉय म्यूजिकल ग्रुप के आयोजक इकबालसिंह ओबेरॉय रफी साहब के बहुत बड़े प्रशंसक हैं और पिछले 41 वर्षों से भिलाई इस्पात नगरी में ‘यादें रफी’ का आयोजन करते आ रहे हैं। उनका उद्देश्य रफी साहब के अमर गीतों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित थे, जिन्होंने रफी साहब के गीतों को सुना और उनकी यादों में खो गए। श्रोताओं ने बताया कि ‘यादें रफी’ का यह आयोजन उन्हें रफी साहब की मधुर आवाज और उनके शानदार गीतों की याद दिलाता है। कार्यक्रम का समापन रफी साहब के गीतों की धुनों के साथ हुआ, जिसने श्रोताओं को एक बार फिर से उस युग की सैर करवाई जब रफी साहब की आवाज हर दिल में बसी थी। ‘यादें रफी’ कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि रफी साहब की आवाज और उनके गीत आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं और रहेंगे। यादें राफी कार्यक्रम में मुख्य कलाकार इक़बाल ओबेरॉय भिलाई रायपुर, देबब्रत रॉय भिलाई, अनीश खान कोरबा, पीटी उल्लास भिलाई, परन भाटिया भिलाई, मुकेश झारे बैतूल, पूजा सिंह रायपुर, वीणा मखीजा भिलाई ने शानदार प्रस्तुतियां दी।




