कलेक्टर का एक्शन : फौती नामांतरण में लापरवाही करने पर पटवारी सस्पेंड
बैतूल कलेक्टर अमनबीर सिंह ने ने ग्रामीण क्षेत्रों का किया भ्रमण

Today Betul News : बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में राजस्व विभाग के कामकाज से आम जनता को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैतूल के कलेक्टर आईएएस अमनबीर सिंह बैंस के द्वारा लगातार बैठकों में कड़े निर्देश देने के बाद भी राजस्व अमले की कार्यप्रणाली नही सुधर रही है। शुक्रवार को कलेक्टर प्रभात पट्टन विकासखंड के ग्राम खंबारा पहुंचे तो वहां पर पटवारी के खिलाफ तमाम शिकायतें मिलीं। कलेक्टर ने इसे बेहद गंभीरता से लिया और पटवारी को सस्पेंड कर दिया।
कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस ने ग्राम खंबारा में आयोजित चौपाल के दौरान यहां पदस्थ पटवारी द्वारा फौती नामांतरण कार्य में लापरवाही करने, पीएम किसान व सीएम किसान योजना में किसानों के पंजीयन नहीं होने एवं मुख्यालय पर नहीं रहने की शिकायत मिलने पर उक्त पटवारी को निलंबित करने के निर्देश दिए गए। तहसीलदार को निर्देशित किया कि यहां अगले सप्ताह पृथक से राजस्व चौपाल आयोजित कर राजस्व संबंधी प्रकरणों का निराकरण करें। ग्राम चौपाल में जिला आपूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जिन हितग्राहियों के बीपीएल प्रमाण पत्र तैयार हो गए है, उन्हें खाद्यान्न पात्रता पर्ची जारी की जाए।
भ्रमण के दौरान कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत ने ग्राम चिचंडा में आंगनवाड़ी केन्द्र, पशु औषधालय, दुग्ध सहकारी समिति एवं प्राथमिक शाला का निरीक्षण किया। उन्होंने गांव में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। यहां हाईस्कूल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि जो पूरक पात्रता पात्र विद्यार्थी स्कूल में पढऩे नहीं आ रहे है, उनके पालकों से संपर्क कर पढ़ाई के लिए बुलाया जाए। पूरक पात्रता प्राप्त दो बच्चियों के स्कूल नहीं आने पर उनके गृह ग्राम खंबारा में ही माध्यमिक शाला के शिक्षक से शैक्षणिक व्यवस्था कराने के निर्देश कलेक्टर द्वारा दिए गए।
ग्राम मलहारा में जल जीवन मिशन की नल-जल योजना का निरीक्षण कर कार्य शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों की पढ़ाई पर शिक्षक विशेष ध्यान दें। ग्राम कुण्डई में निर्मित अम्रत सरोवर का भी कलेक्टर द्वारा निरीक्षण किया गया। ग्राम घाटबिरोली में उपस्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण कर यहां संधारित दस्तावेज देखे। साथ ही प्रसूति महिलाओं का सुरक्षित संस्थागत प्रसव करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अमले को निर्देश दिए।




