Recognized at national level: बैतूल की लोक कला को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान
गुजरात में दी बैतूल की आदिवासी गायकी, ठाटिया नृत्य की प्रस्तुति

बैतूल। जिले के लोक कलाकारों ने भुज कच्छ गुजरात में बैतूल की आदिवासी गायकी, ठाटिया नृत्य की प्रस्तुति देकर बैतूल की लोक कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उल्लेखनीय है कि 9 से 11 मार्च 2024 तक भुज कच्छ गुजरात में संगीत, नाटक अकादमी नई दिल्ली एवं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण गुजरात के सहयोग से भारत की पारंपरिक लोक एवं जनजातीय अभिव्यक्तियों के उत्सव का आयोजन किया गया था। इसमें एकलव्य लोक कला समिति बैतूल के लोक कलाकारों को मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला। बता दें कि डायरेक्टर महेश इंगले (जूनियर फेलोशिपर प्राप्त कलाकार) के निर्देशन में 16 कलाकारों के दल ने स्मृति वन भूकंप स्मारक एवं संग्रहालय में आदिवासी नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आचार्य देवव्रत राज्यपाल गुजरात, डॉ. संध्या पुरेचा अध्यक्ष संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली, विधायक भुज केशू भाई शिवदास पटेल उपस्थित रहे। अतिथियों ने सभी दल प्रमुखों को शॉल से सम्मानित किया। महेश इंगले ने बताया भारत के विभिन्न राज्यों में मध्य प्रदेश से बैतूल की गायकी, नृत्य की प्रस्तुति गर्व का विषय है। संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली के बैनर तले गायकी थटिया नृत्य का मंचन उनका स्वप्न था। भारत की इतनी बड़ी संस्था के आयोजन में बैतूल जिले का नृत्य होना सौभाग्य की बात है। दल में सुनील ढोलेकर, सागर ढोलेकर, मेघा सिंह राजपूत, भावना साहू, मुकेश बारवे, संगम मोहबे, रमन कुमरे, पिंटू कुमरे, रविंद्र उइके, आशीष खातरकर, समीर पांसे, विक्की सोनी, पंकज कुमरे, करण सलामे, रामकिशोर इवने शामिल रहे। इस बड़ी उपलब्धि पर विधायक हेमंत खंडेलवाल ने दल को बधाई प्रेषित की।




