नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में भारतीय विद्यार्थी मोर्चा आज सौंपेगा ज्ञापन।
परीक्षा घोटाले की निष्पक्ष जांच और शिक्षा सुधार की मांग।

बैतूल। भारतीय विद्यार्थी मोर्चा द्वारा आज कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। संगठन ने देश के 625 जिलों में नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले को लेकर विरोध दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शी सुधार की मांग उठाई है।
मोर्चा का आरोप है कि मीडिया रिपोर्टों और प्रारंभिक जांच के अनुसार नीट-यूजी 2026 का प्रश्नपत्र महाराष्ट्र के नासिक क्षेत्र से पोर्टेबल स्कैनर के जरिए स्कैन कर पीडीएफ के रूप में अवैध तरीके से प्रसारित और बेचा गया। आरोप है कि असली और हस्तलिखित नकली प्रश्नों के बीच प्रश्नपत्र छिपाकर व्हाट्सएप और टेलीग्राम समूहों में बड़े स्तर पर साझा किया गया। इस मामले से करीब 22.79 लाख परीक्षार्थियों और उनके परिवारों में भारी आक्रोश और असुरक्षा का माहौल बना है। संगठन ने दावा किया कि मानसिक दबाव के चलते कुछ आत्मघाती घटनाएं भी सामने आई हैं।
भारत मुक्ति मोर्चा बैतूल के जिला प्रभारी सुष्मित पिपरदे ने मांग की है कि मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और शीघ्र जांच पूरी होने तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें। साथ ही प्रभावित छात्रों को परीक्षा शुल्क का तीन गुना मुआवजा दिया जाए। संगठन ने एनटीए को तत्काल ब्लैकलिस्ट कर परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी सरकारी संस्थाओं को सौंपने की मांग भी उठाई है।
ज्ञापन में दोषियों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई, ओएमआर आधारित परीक्षा प्रणाली के स्थान पर सीबीटी प्रणाली लागू करने, प्रश्नपत्र सुरक्षा के लिए स्वतंत्र संस्था गठित करने तथा सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की मांग की गई है। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने, अपमानजनक तलाशी और दुर्व्यवहार पर रोक लगाने की भी बात कही गई है।

मोर्चा ने पेपर लीक से उत्पन्न मानसिक दबाव के कारण जिन परीक्षार्थियों की मृत्यु हुई है, उनके परिवारों को 50 लाख रुपए मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की मांग की है। साथ ही दीर्घकालिक शिक्षा सुधारों के तहत वन नेशन, वन एजुकेशन, वन सिलेबस, वन फीस जैसी समानतामूलक नीतियों पर काम करने की मांग भी उठाई गई है।




