Betul Shivsena: शिवाजी जयंती पर शासकीय अवकाश घोषित करने की मांग
शिवसेना ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के नाम पर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

बैतूल। शिवसेना संगठन ने 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी जयंती पर शासकीय अवकाश घोषित करने की मांग की है। सामाजिक भावना को ध्यान में रखते हुए संगठन ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल सहित गृहमंत्री के नाम अपर कलेक्टर जयप्रकाश सैयाम को ज्ञापन सौंपकर शासकीय अवकाश घोषित किए जाने की मांग की। शिवसेना के जिला प्रमुख प्रदीप जायसवाल ने बताया मध्य प्रदेश के समस्त जिलों में 19 फरवरी को शिवाजी जयंती मनाई जाती है। शासकीय अवकाश घोषित नहीं होने के कारण जयंती समारोह उत्साह पूर्वक नहीं मना पाते हैं। उन्होंने शिवाजी जयंती को राष्ट्रीय पर्व मनाते हुए अवकाश घोषित किए जाने की मांग की है। श्री जायसवाल ने बताया कि भारत सरकार द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती 19 फरवरी को देश में ऐच्छिक अवकाश घोषित किया गया है। इसे अनिवार्य अवकाश घोषित किया जाना चाहिए। 19 फरवरी 1630 को छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था इनको हिन्दू हृदय सम्राट के नाम से जाना जाता है तो कुछ लोग इन्हें मराठा गौरव कहते हैं जबकि वे भारतीय गणराज्य के महानायक थे। उन्होंने राष्ट्र को विदेशी और आतताई राज्य सत्ता से स्वाधीन कर सारे भारत में सार्वभौम स्वतंन्त्र शासन स्थापित करने का प्रयत्न किया, उन्हें एक अग्रगण्य वीर एवं अमर स्वतंन्त्रता सेनानी स्वीकार किया जाता है। उन्होंने दबी कुचली हिन्दु जनता को भयमुक्त किया था। इसी कारण समस्त शिवसेना निवेदन करती है कि ऐसे महानायक की जयंती के अवसर पर 19 फरवरी को समस्त भारत वर्ष में राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में अमित कोसे, सनी सोनकपुरिया, कमल उइके, रूप नागले, मोनू बटकर आदि शिव सैनिक उपस्थित थे।
— शिवाजी की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण —
शिवाजी जयंती के अवसर पर शिवसेना संगठन के कार्यकर्ताओं ने शिवाजी चौक पर स्थित शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया। शिव सैनिकों ने जय शिवाजी के गगन भेदी नारे भी लगाए। शिव सैनिकों को संबोधित करते हुए जिला प्रमुख प्रदीप जायसवाल ने बताया कि शिवाजी महाराज का एक ही लक्ष्य था, अपने राष्ट्र को मुगलों के चंगुल से बचाना और मजबूत बनाना। ऐसे में आज भी उनका नाम बड़े ही सम्मान से लिया जाता है और उनकी जयंती को गर्व के साथ मनाया जाता है। वे भारत के ऐसे वीर सपूत हैं, जिनकी शौर्यगाथा इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। शिवाजी महाराज का नाम जब भी किसी मराठा की जुबान पर आता है, तो उनका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। उन्होंने राष्ट्र को मुगलों के चंगुल से आजाद कराकर मराठा साम्राज्य की नींव रखी थी। केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश में उनकी वीरता की मिसाल दी जाती है।




