जल, जंगल और जमीन के महानायक को बैतूल ने किया नमन
जिला अस्पताल का नाम शहीद गंजन सिंह कोरकू के नाम पर रखने की उठी मांग, ढोल-मांदल की थाप और लोकनृत्यों के बीच गौरव के साथ मनी शहीद गंजन सिंह कोरकू जयंती

बैतूल। जिला मुख्यालय में वीर शहीद सरदार गंजन सिंह कोरकू की जयंती सोमवार को श्रद्धा, गौरव और उत्साह के साथ मनाई गई। जोहार सरकार बैतूल के तत्वावधान में आयोजित समारोह में विशाल सांस्कृतिक सम्मान यात्रा, पारंपरिक लोकनृत्य और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ। जिले सहित अन्य जिलों एवं विभिन्न राज्यों से पहुंचे अतिथियों के साथ बड़ी संख्या में समाज के महिला, पुरुष और युवाओं ने भाग लेकर महानायक को श्रद्धांजलि अर्पित की।
– शहीद भवन से निकली सम्मान यात्रा
कार्यक्रम की शुरुआत मुठवा धाम स्में स्थित कुल देवता मुठवा बाबा के पूजा पाठ के बाद शहीद भवन से हुई। यहां से निकली सांस्कृतिक सम्मान यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शिवाजी चौक, दिलबहार चौक, गंज शहीद भगत सिंह चौक, कारगिल चौक और अंबेडकर चौक पहुंची। अंबेडकर चौक पर भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद जिला अस्पताल के सामने कुछ देर रुककर उपस्थित जनसमूह ने नारे लगाते हुए वर्ष 1930 के जंगल सत्याग्रह के प्रमुख नेतृत्वकर्ता सरदार गंजन सिंह कोरकू के सम्मान में जिला अस्पताल का नाम उनके नाम पर रखने की मांग उठाई।
– महानायकों को किया नमन
सम्मान यात्रा के दौरान महाराणा प्रताप, राजा भोज, सरदार विष्णु सिंह गोंड तथा छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमाओं पर भी माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इसके बाद यात्रा छत्रपति शिवाजी महाराज ओपन ऑडिटोरियम पहुंची, जहां सरदार गंजन सिंह कोरकू के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान सरदार गंजन सिंह कोरकू अमर रहें के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। कार्यक्रम का संचालन शिवा बारस्कर, हरीश साल्वे एवं नारी शक्ति कमलती चौहान ने किया।
– लोकनृत्यों ने बांधा समां
समारोह में कोरकू समाज की महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में गदली सुसुन सहित विभिन्न लोकनृत्यों की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। ढोल-मांदल की थाप पर प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरे आयोजन में आदिवासी संस्कृति की समृद्ध विरासत की झलक दिखाई दी।
– वक्ताओं ने संघर्ष और अधिकारों का दिया संदेश
सभा को संबोधित करते हुए प्रबुद्धजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरदार गंजन सिंह कोरकू के त्याग, बलिदान और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए किए गए संघर्षों को याद किया। वक्ताओं ने जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा, शिक्षा, संगठन और सामाजिक जागरूकता को मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि सरदार गंजन सिंह कोरकू का जीवन आज भी समाज को स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रेरित करता है।
– सामूहिक नृत्य के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने ढोल-मांदल की थाप पर सामूहिक नृत्य कर वीर शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शांतिपूर्ण और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुए समारोह के अंत में जोहार सरकार बैतूल की ओर से सभी अतिथियों, समाजजनों, सामाजिक संगठनों, वरिष्ठ नागरिकों, समाजसेवियों, सहयोगकर्ताओं तथा विशेष रूप से गदली नृत्य टीम के सभी कलाकारों का आभार व्यक्त किया गया।
– आयोजन समिति ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
समारोह को सफल बनाने में संस्थापक अर्जुन सिंह धोटे, जिला संरक्षक महादेव बेठे, जिला अध्यक्ष अलकेश धोटे, जिला उपाध्यक्ष परमेश बारस्कर, उपाध्यक्ष शिवा बारस्कर, सचिव करण चड़ोकर, कोषाध्यक्ष करन धाड़से, सहसचिव हरीश साल्वे, महामंत्री दिनेश तांदिलकर, शिक्षा मंत्री अर्जुन धाड़से, संस्कृति मंत्री शुभम बारस्कर, जिला संयोजक मुंगीलाल अखण्डे सहित सभी ब्लॉक पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।




