Betul news: भीमपुर जनपद अध्यक्ष भैयालाल इरपाचे के निर्णय में आ रही भ्रष्टाचार की बू 

पुस्तक कांड के दोषी को मध्यान्ह भोजन प्रभारी बनाने का मामला

बैतूल। भीमपुर जनपद अध्यक्ष भैयालाल इरपाचे द्वारा लिए गए निर्णय में भ्रष्टाचार की बू आ रही हैं। उनके द्वारापुस्तक कांड के दोषी को मध्यान्ह भोजन प्रभारी बनाने के लिए बीआरसी भीमपुर पर दबाव बनाए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। 7 फरवरी 2024 को जनपद पंचायत की सामान्य सभा में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी।

जनपद पंचायत की सामान्य सभा में प्रस्ताव बिंदु क्रमांक 3 में लिखा गया कि राजू आठनेरे, शिक्षक बेहड़ाढाना चूनालोमा, को विकास खंड भीमपुर के अंतर्गत संचालित मध्यान्ह भोजन का समस्त प्रभार देने के संबंध में चर्चा एवं सहमति दी गई। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि राजू आठनेरे को मध्यान्ह भोजन का प्रभार दिया जाए।

— बीआरसी भीमपुर पर दबाव की चर्चाएं–

प्रस्ताव पास होने के बाद जनपद अध्यक्ष भैयालाल इरपाचे द्वारा बीआरसी भीमपुर पर दबाव बनाए जाने की चर्चाएं हैं। वे प्रयास कर रहे हैं कि नवीन शिक्षा सत्र में राजू आठनेरे को ही मध्यान्ह भोजन का प्रभारी बनाया जाए। यह मामला तब और गंभीर हो जाता है जब देखा जाए कि राजू आठनेरे को पहले ही पुस्तक कांड के चलते सीएससी के प्रभार से हटा दिया गया था।

— यह है पुस्तक कांड का पूरा मामला —

21 अप्रैल 2023 को डीपीसी जिला शिक्षा केंद्र ने आदेश जारी किया था कि जिला नियुक्ति समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार राजू आठनेरे की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उनकी सेवाएं मूल विभाग को सौंपी जाएं। इससे पहले, उन पर बच्चों की निशुल्क पाठ्य पुस्तकें कबाड़ी को बेचने का आरोप लगा था। बैतूल के मीडियाकर्मियों को सूचना मिली थी कि कोसमी इंस्ट्रीयल एरिया में दो लोडिंग ऑटो में सरकारी किताबें लाई गई हैं। जांच में पाया गया कि यह किताबें भीमपुर ब्लॉक के किसी स्कूल से लाई गई थीं।

— उच्चाधिकारियों की निष्क्रियता–

उच्चाधिकारियों को सूचना देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। यह किताबें 2018-19, 2019-20 और 2021 की थीं, जो कि स्कूल बच्चों के लिए निशुल्क वितरित की जानी थीं। अब जबकि राजू आठनेरे को पुनः मध्यान्ह भोजन का प्रभारी बनाने के लिए राजनीतिक दबाव डाला जा रहा है, यह सवाल उठता है कि क्या यह निर्णय सही है? जनपद अध्यक्ष भैयालाल इरपाचे पर आरोप है कि वे राजू आठनेरे को इस पद पर बनाए रखने के लिए बीआरसी भीमपुर पर दबाव बना रहे हैं, जिससे स्कूलों में बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

— प्रशासनिक निर्णयों की पारदर्शिता पर सवाल–

भीमपुर जनपद अध्यक्ष भैयालाल इरपाचे द्वारा उठाए गए इस कदम ने प्रशासन और जनता के बीच गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुस्तक कांड के आरोपी को मध्यान्ह भोजन का प्रभारी बनाना प्रशासनिक निर्णयों की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या राजू आठनेरे को मध्यान्ह भोजन प्रभारी के रूप में नियुक्त किया जाता है या नहीं।

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