Betul news: विद्यार्थियों ने सीखा शिल्पकला का हुनर, प्रमाणपत्र पाकर हुए प्रोत्साहित
जनजातीय गौरव दिवस पर तीन दिवसीय शिल्प प्रदर्शन सह जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न

बैतूल। हस्तशिल्प सेवा केंद्र, वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में बैतूल जिले के मानसरोवर द स्कूल में 18 नवंबर से 20 नवंबर तक तीन दिवसीय शिल्प प्रदर्शन सह जागरूकता कार्यक्रम एवं भारतीय जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आदिवासी जनजातीय समुदाय के शिल्पकारों ने अपने शिल्पकला उत्पादों का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों को इसे बनाने के गुर भी सिखाए। कार्यक्रम में स्कूल के छात्र-छात्राओं ने स्वयं द्वारा बनाए गए क्राफ्ट आइटम प्रदर्शित किए। छात्रों की इस शानदार भागीदारी के लिए हस्तशिल्प सेवा केंद्र, वस्त्र मंत्रालय द्वारा प्रमाणपत्र देकर हौसला बढ़ाया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन 18 नवंबर को स्कूल के प्रिंसिपल, अवधेश ठाकुर सहायक निदेशक, हस्तशिल्प, वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार, दिलीप कुमार हस्तशिल्प अधिकारी, और देवेंद्र सिंह कार्यकारी निदेशक, दृष्टिकोण आर्ट एंड क्राफ्ट प्रोड्यूसर ने संयुक्त रूप से किया। उद्घाटन समारोह में अपने संबोधन में अवधेश ठाकुर ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय कला, संस्कृति और शिल्पकला से परिचित कराना है। उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार, इस प्रकार के कार्यक्रमों से शिल्पकला को बढ़ावा मिलेगा। यह रोजगार का एक बड़ा साधन भी बनेगा। उन्होंने सरकार द्वारा कारीगरों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।।स्कूल के प्रिंसिपल ने विद्यार्थियों को इस अवसर का पूरा लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को नई कला सीखने और अपने अंदर एक विशेष हुनर विकसित करने का मौका मिलता है।
— जनजातीय शिल्पकला और पारंपरिक नृत्य का किया प्रदर्शन —
कार्यक्रम के दौरान आदिवासी जनजातीय समुदाय के कलाकारों ने अपने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए और अपनी कला का प्रदर्शन किया। उन्होंने छात्रों को शिल्पकला के विविध पहलुओं से अवगत कराया और शिल्प उत्पाद बनाने की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से सिखाया। कार्यक्रम के तीसरे और अंतिम दिन समापन समारोह में स्कूल के चेयरमैन ने विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित किए। इस मौके पर उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा और उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन छात्रों के समग्र विकास में सहायक होते हैं। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए एक यादगार अनुभव रहा उन्हें भारतीय शिल्पकला की गहराइयों से जुड़ने का अवसर मिला।





