Betul news: 25 वर्षों से रह रहे 70 परिवारों के मकान पर संकट
जय टंट्याभील आदिवासी युवा संगठन (जयस) ने सौंपा ज्ञापन

बैतूल। जय टंट्याभील आदिवासी युवा संगठन (जयस) ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को ज्ञापन सौंपते हुए एन.एच. 59 ए पर निवास कर रहे आदिवासी परिवारों को विस्थापन से बचाने की मांग की है। गुलाब सिंह बघेल, प्रदेश संरक्षक एवं मध्यप्रदेश प्रभारी, जयटंट्याभील आदिवासी युवा संगठन के नेतृत्व में यह ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में बताया गया कि लगभग 60 से 70 आदिवासी परिवार पिछले 25 वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं, जिनका मकान पुश्तैनी है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि सभी प्रभावित परिवार आदिवासी वर्ग से हैं और यह मकान उनके लिए पुश्तैनी और स्थाई निवास है। मध्य प्रदेश शासन के नियमों के अनुसार, अगर किसी आदिवासी परिवार का शासकीय भूमि पर 10 वर्षों से अधिक समय से कब्जा है, तो उन्हें उस भूमि का पट्टा प्रदान किया जाना चाहिए। ऐसे में इन परिवारों के मकानों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बनाने की अनुमति दी जाए।
अतिक्रमण नोटिस पर जताई आपत्ति:
जय टंट्याभील संगठन ने लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी अतिक्रमण नोटिस का विरोध करते हुए कहा कि यह आदिवासी परिवार वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं और इन्हें विस्थापित करने से उनके जीवन पर गंभीर संकट आ सकता है। संगठन ने मांग की है कि इन परिवारों को अन्य स्थान पर विस्थापित करने की बजाए इसी स्थान पर स्थाई आवास मुहैया कराया जाए।
ज्ञापन के माध्यम से गुलाब सिंह बघेल ने प्रशासन से अनुरोध किया कि आदिवासी परिवारों के अधिकारों का संरक्षण किया जाए और उन्हें बेघर होने से बचाया जाए। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उनके मकानों को पक्का करने की अनुमति दी जाए ताकि वे सुरक्षित रूप से अपने घरों में रह सकें।




