Betul News: बैतूल –इंदौर हाईवे हादसा: एक और घायल ने दम तोड़ा, ग्रामीणों ने चक्काजाम कर जताया आक्रोश

Accident News Betul: बैतूल। बैतूल इंदौर नेशनल हाईवे पर गुरुवार रात में अंधी रफ्तार से दौड़ते हुए टवेरा ने ग्रामीणों को टक्कर मार दी थी। इसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि तीसरे घायल ने जिला अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। शुक्रवार सुबह जैसे ही एक और मौत होने की खबर गांव में पहुंची वैसे ही ग्रामीणों का आक्रोश उबल पड़ा। महिलाएं, बच्चे, बड़े और बुजुर्ग भी घर से निकलकर हाईवे पर जमा हो गए।

ग्रामीणों ने हादसे के लिए बंसल कंपनी द्वारा बनाए गए हाईवे में तकनीकी खामी और एनएचएआई के अफसरों की मनमानी को दोषी ठहराया है। सड़क निर्माण के दौरान गांव के पास ओवर ब्रिज या अंडर पास बनाने की मांग मान ली जाती तो गांव के तीन घरों में मातम नहीं पसरता। नाराज ग्रामीणों ने हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम कर रहे दनोरा के ग्रामवासियों के बीच पहुंचकर उन्हें आश्वासन दिया कि अंडर ब्रिज के लिए एनएचएआई को शीघ्र ही प्रस्ताव भेजा जाएगा। दनोरा गांव के तीन ग्रामीणों की मौत से नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार फोरलेन पर मृतकों के शव रखकर चक्काजाम कर रही थे। इसकी जानकारी मिलते ही अधिकारी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।

कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने ग्रामीणों से बात की। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि दानोरा गांव के किसानों के खेत फोरलेन के दोनों तरफ हैं, उन्हें दूसरे तरफ जाने के लिए फोरलेन पार करना पड़ता है। जिसके कारण आए दिन दुर्घटना घटना घटती है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को बताया कि इसके लिए उन्होंने पहले भी कई बार ज्ञापन दिए थे कि यहां पर अंडर ब्रिज बनाया जाए, लेकिन एनएचएआई ने नहीं बनाया। उन्होंने फोरलेन पर बने मोड की डिजाइन को गलत बताया है और यहां पर भी एक्सीडेंट होने की बात कही थी। कलेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि इसको लेकर एनएचएआई को प्रपोजल भेजा जाएगा और समस्या का निराकरण करने के लिए प्रशासन हर संभव प्रयास करेगा। उनके आश्वासन के बाद चक्काजाम खत्म हुआ।
गुरूवार रात में हुए एक्सीडेंट में दनोरा गांव में तीन लोगों की मौत होने से पूरे गांव में मातम छाया हुआ है। बताया जा रहा है कि मृतक दूसरो की जान बचाने गए थे और उनकी खुद की जान चली गई। मृतकों में बाबाराव पिता संपतराव सोनारे 50 दनोरा, पंकज पिता रामप्रसाद 24 दनोरा, शिवप्रसाद सरले पिता नत्थू सरले 55 दनोरा शामिल है।
हादसे में सुमित पिता शिवप्रसाद सरले 22 दनोरा, आशीष सरियाम 25 बोरीकास, अजय पिता माटूलाल मर्सकोले 30 गोराखार, अशोक पिता भूरा मासतकर 45 दनोरा, राजा पिता नान्हू सरले 28 दनोरा, अरूण पिता संतोष उइके 22 थावड़ी, पवन पिता सलीराम धुर्वे 23 थावड़ी घायल हुए हैं।




