शतावरी पौधों से हुआ संतों और समाजसेवियों का सम्मान
आलोका ट्रस्ट ने स्कॉलरशिप और मेडिकल कैंप की घोषणा की

बैतूल। शहर से लगभग 10 किलोमीटर दूर ग्राम सावंगा में प्रसिद्ध कथावाचिका सुश्री वर्षा किशोरी द्वारा चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के दौरान शतावरी पौधों से विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। आयुर्वेद में औषधियों की रानी कही जाने वाली शतावरी के पौधे भेंट कर वरिष्ठ ग्रामीणों, समाजसेवियों एवं कथा टीम के सदस्यों का स्वागत किया गया। शतावरी को महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी माना जाता है। यह हार्मोनल संतुलन बनाए रखने, मासिक धर्म संबंधी समस्याओं में राहत देने, प्रसव के बाद दुग्धवृद्धि, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, तनाव कम करने तथा पाचन सुधारने में सहायक है। पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए इसे बलवर्धक टॉनिक माना जाता है।
इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। शतावरी पौधे सुश्री वर्षा किशोरी, गणेश महाराज, जितेंद्र महाराज, सुदामा पटेल पाटनकर, अभिराम राठौर, परसराम माकोड़े, रामराव वागद्रे, हरिराम दवंडे, लखन लाल मालवी, कृष्णा कवड़कर, बलराम पवार, पिंटू बारस्कर और गोविन्दराम पाटनकर को भेंट किए गए।
आयोजन में आलोका ट्रस्ट की प्रमुख भूमिका रही। महेंद्र खोबरागड़े ने संचालन किया, जबकि डॉ. मनोज वरवड़े और श्रद्धा राजपूत ने सहयोग दिया। मंच से कक्षा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप देने तथा शुक्रवार सुबह 11 से 1 बजे तक होम्योपैथिक मेडिकल कैंप आयोजित करने की घोषणा की गई।




