Application given to the collector: ग्राम पंचायत रोंढा में विकास कार्यों की स्वीकृति के लिए कलेक्टर को दिया आवेदन
पूर्व कलेक्टर प्रदीप कालभोर ने आवागमन और विकास कार्यों के लिए भेजा प्रस्ताव

बैतूल। ग्राम पंचायत रोंढा के लिए विकास कार्यों की स्वीकृति की मांग करते हुए पूर्व कलेक्टर प्रदीप कालभोर ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ग्राम पंचायत रोंढा में विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों की स्वीकृति और मंजूरी की मांग की गई है, जिससे ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
पूर्व कलेक्टर प्रदीप कालभोर ने बताया कि ग्राम पंचायत रोंढा में कई विकास कार्यों की आवश्यकता है। इनमें मुख्य रूप से सोलर स्ट्रीट लाइट्स, स्वागत गेट, वेटरनरी हॉस्पिटल, सी.सी. रोड, नाली निर्माण, पानी की टंकी, और सड़क निर्माण शामिल हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम रोंढा में 40 सोलर स्ट्रीट लाइट्स की स्थापना से गांव में रात के समय रोशनी बनी रहेगी। इसके अलावा, रोढा-भडूस मार्ग पर स्वागत गेट का निर्माण गांव के सौंदर्य में वृद्धि करेगा। वेटरनरी हॉस्पिटल की स्थापना से पशुपालन में सुधार होगा और सी.सी. रोड तथा नाली निर्माण से आवागमन सुगम होगा। पानी की टंकी की स्थापना से पेयजल की समस्या का समाधान होगा और रोन्ढा से भोगीतेड़ा, भवनीतेड़ा, और खड़ला मार्ग पर सड़क निर्माण से ग्रामीणों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी।
पूर्व कलेक्टर ने बताया कि इन कार्यों से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा होगी और अन्य विकास कार्यों का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से इन कार्यों की शीघ्र मंजूरी प्रदान करने का आग्रह किया। ग्राम पंचायत रोंढा के ग्रामीणों का मानना है कि इन विकास कार्यों से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। ग्राम पंचायत रोंढा में इन विकास कार्यों की मंजूरी से गांव के विकास को एक नई दिशा मिलेगी और ग्रामीणों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पूर्व कलेक्टर प्रदीप कालभोर के इस प्रयास से ग्रामीणों को एक नई उम्मीद की किरण मिली है और वे प्रशासन से शीघ्र कार्यवाही की अपेक्षा कर रहे हैं।
— इन कार्यों के लिए राज्य सरकार ने की वित्तीय प्रावधान की अनुशंसा —
पूर्व कलेक्टर श्री कालभोर ने बताया कि राज्य सरकार के अर्थ एवं प्लानिंग विभाग द्वारा बैतूल जिले के वार्षिक जिला नियोजन प्लान के तहत इन कार्यों के लिए वित्तीय प्रावधान की अनुशंसा की गई है। यह निधि स्थानीय विधायक या सांसद निधि से संबंधित नहीं है, बल्कि पूरी तरह से राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की गई है। पूर्व कलेक्टर कालभोर ने कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से शीघ्र मंजूरी प्रदान करने का आग्रह किया है।




