Betul news: पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना क्यों है जरूरी?

डॉ. संदीप गोहे, मनोवैज्ञानिक, SIF बैतूल

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (10 अक्टूबर) पर पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। समाज के कठोर मानदंडों के कारण, पुरुष अक्सर अपनी मानसिक समस्याओं को साझा करने से कतराते हैं, जिससे वे अंदर ही अंदर टूटते रहते हैं। अवसाद, चिंता और आत्महत्या जैसे गंभीर मुद्दे सामने आ रहे हैं, फिर भी मदद मांगने में संकोच करते हैं।

SIF बैतूल में, हम उन पुरुषों को मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं जो झूठे आरोपों, कानूनी समस्याओं या व्यक्तिगत तनाव से जूझ रहे हैं। हमारी टीम ने देखा है कि झूठे आरोप पुरुषों के आत्म-सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा को बुरी तरह प्रभावित करते हैं, जिससे वे अवसाद और PTSD जैसी समस्याओं का सामना करते हैं।

हमारा ऑल इंडिया हेल्पलाइन (8882498498) उन पुरुषों के लिए उपलब्ध है जो अपनी मानसिक समस्याओं के बारे में बात करना चाहते हैं। हमारा लक्ष्य है कि समाज पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से ले और उन्हें सहारा दे। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस इस बात की याद दिलाता है कि मानसिक स्वास्थ्य एक सार्वजनिक मुद्दा है, जिसे सभी के लिए प्राथमिकता दी जानी चाहिए, चाहे वह पुरुष हो, महिला हो या कोई और। हम समाज से अपील करते हैं कि वे पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सहानुभूति दिखाएँ और उन्हें समर्थन देने के लिए हाथ बढ़ाए।

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