Betul News : बैतूल जिले में मनमानी नहीं कर पाएंगे निजी स्कूल, कलेक्टर ने जारी किया कड़ा आदेश

Private schools will not be able to do arbitrariness in Betul district, Collector issued strict order

Today Betul News: बैतूल। जिले में निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर Ias अमनबीर सिंह बैंस के द्वारा निजी स्कूलों में शिक्षण सामग्री, शिक्षण शुल्क, शारीरिक दंड पर प्रतिबंध एवं परिवहन के संबंध में आदेश जारी कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि निजी विद्यालय प्रबंधन द्वारा, विद्यालय प्रवेश प्रारंभ की तिथि एवं प्रक्रिया, विद्यालय में उपयोग में लाई जाने वाली पाठ्य पुस्तकें, स्टेशनरी , पठन सामग्री, बेग, यूनिफार्म, स्पोर्टस किट, ट्रांसपोर्ट सुविधा, फीस अथवा परोक्ष या अपरोक्ष रूप से संग्रहित की जाने वाली धनराशि का विवरण विद्यालय के नोटिस बोर्ड तथा आधिकारिक वेबसाईट पर प्रदर्शित की जाएगी। निजी विद्यालय, विद्यालय की विवरण पुस्तिका एवं आवेदन पत्र प्राप्त करने के संबंध में आवश्यक जानकारी विद्यालय के सूचना पटल एवं आधिकारिक वेबसाईट पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए यदि अभिभावकों द्वारा कोई भुगतान किया जाना अपेक्षित हैं तो स्पष्टतः उल्लेख किया जाए।

किसी निश्चित दुकान से सामग्री खरीदने बाध्य नहीं कर पाएंगे:

विद्यालय में पाठ्यपुस्तकों के निर्धारण करते समय सीबीएसई बोर्ड से सम्बद्ध शालाओं के प्रबंधन द्वारा सी.बी.एस.ई.के निर्देशों को ध्यान में रखा जाए, जिसके अंतर्गत विद्यार्थी/पालकों को एनसीईआरटी / सीबीएसई पाठ्य पुस्तकों से इतर पुस्तकें क्रय किए जाने हेतु बाध्य न किया जाए। शाला द्वारा निर्देशित विक्रेताओं या किन्हीं अथवा किसी निश्चित दुकान से पाठ्य पुस्तकें, कापी, पेन, पेंसिल , यूनिफार्म, अन्य शिक्षण सामग्री क्रय करने के लिये बाध्य न किया जाए। शाला परिसर से शिक्षण सामग्री विक्रय न की जाए। छात्र या अभिभावक इन सामग्रियों को खुले बाजार से क्रय करने के लिए स्वतंत्र होंगे एवं पुस्तकों का पूरा सेट क्रय न कर आवश्यकता अनुसार पुस्तकें क्रय कर सकेंगे। एनसीईआरटी द्वारा कक्षा एक से 12 के लिए प्रकाशित पुस्तकें ई पाठशाला पर बिना लागत के उपलब्ध हैं, विद्यालय इस सूचना को विद्यार्थी एवं अभिभावकों के साथ साझा करेंगे ताकि, वे इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

मनमर्जी से पाठ्य पुस्तकों पर रोक:

सी.बी.एस.ई. के निर्देश हैं कि बहुत अधिक पाठ्य पुस्तकों, जो कि, शैक्षणिक रूप से अप्रामाणिक हैं, उनको निर्धारित करना और अभिभावकों एवं बच्चों को उनको खरीदने के लिए बाध्य करना अनुचित व्यवहार है, विशिष्टतः क्योंकि एनसीईआरईटी विषय सामग्री बोर्ड की परीक्षा के प्रश्नों को तैयार करने के लिए आधार हैं और सीबीएसई में प्रश्न पत्र, विषय के निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया जाता है। विभिन्न कक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम निर्धारण करते हुए कक्षावार उपयोग में लाई जाने वाली पाठ्यपुस्तकों की मानक संख्या एवं सूची जारी की गई है। जिसके अनुसार कक्षा एक एवं दो के लिए तीन, कक्षा तीन एवं चार के लिए चार, कक्षा पांच के लिए छह, कक्षा छह एवं सात के लिए 10, कक्षा आठ के लिये 13, इसी प्रकार कक्षा नौ से 12 के लिये पुस्तकों की सूची जारी की गई हैं। इसके अनुपालन में बच्चों के बस्ते का वजन कम रखने साथ ही प्रामाणिक स्तर की पुस्तकों का चयन किया जाते समय सीबीएसई के निर्देशों के अनुसार निर्धारित समिति के माध्यम से किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

बस्ते का वजन भी किया निर्धारित:

माध्यमिक शिक्षा मंडल म.प्र. / लोकशिक्षण संचालनालय से मान्यता / सम्बद्धता प्राप्त निजी विद्यालय अपने विवेकानुसार निजी प्रकाशक / एनसीईआरटी / म.प्र.पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का चयन करें। समस्त विद्यालयों के लिए बस्ते के वजन के संबंध में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी स्कूल बैग पालिसी 2020 के प्रविधानों का पालन किया जाए। स्कूल बैग पालिसी अनुसार कक्षावार स्कूल बैग के वजन के संबंध में बच्चे के वजन के 10 प्रतिशत के मान से स्कूल बैग के वजन की सीमा निर्धारित की गई है।इसका पालन किया जाए। कक्षा 11वीं एवं 12वी के लिये विद्यालय प्रबंधन विभिन्न संकाय अनुसार बस्ते का वजन उपरोक्त के अनुपात में निर्धारित कर सकेंगे। विद्यालय प्रबंधन द्वारा यूनिफार्म को छोड़कर किसी भी पाठ्य सामग्री पर विद्यालय का नाम उल्लेखित नहीं किया जाएगा।

तीन वर्ष में एक बार बदल पाएंगे गणवेश:

यदि निजी विद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यालयीन गणवेश में कोई परिवर्तन किया जाता है तो वह आगामी तीन शैक्षणिक सत्रों तक यथावत लागू रहेंगी। तीन वर्ष की अवधि पश्चात ही गणवेश में परिवर्तन किया जा सकेगा। प्रत्येक निजी विद्यालय प्रबंधन, प्रतिवर्ष आगामी शैक्षणिक सत्र आरंभ होने के 180 दिवस पूर्व पोर्टल पर निर्धारित जानकारी तथा अभिलेख यथा सामान्य जानकारी में परिवर्तन होने की स्थिति में प्रारूप 1, 2 इत्यादि में जानकारी, आगामी शैक्षणिक सत्र हेतु प्रस्तावित फीस संरचना प्रारूप में प्रविष्ट / अद्यतन करेगा।यदि प्रस्तावित फीस संरचना में वृद्धि, गत शैक्षणिक सत्र की फीस की तुलना में 10 प्रतिशत या कम है तो प्रस्तावित फीस संरचना सत्र प्रारंभ होने के 90 दिवस पूर्व तक पोर्टल पर अपलोड करेंगे। निजी विद्यालयों द्वारा 10 प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि विना सक्षम समिति की स्वीकृति के नहीं की जा सकेगी।

स्कूल के वाहनों का नियमित रखरखाव करना होगा:

विद्यालयों में स्कूल वाहनों के सुरक्षित संचालन तथा पालकों की सहभागिता व सहयोग सुनिश्चत करने की दृष्टि से शाला परिवहन समन्वय समिति के माध्यम से परिवहन की व्यवस्था एवं सुरक्षा की समीक्षा की जाना आवश्यक होगा। विद्यालयों के वाहन चालकों के लिए ड्रायविंग टेस्ट व वाहन संचालन सम्बन्धी निर्धारित मापदंड अनुरूप वाहनों का निरीक्षण तथा संचालित समस्त वाहनों की जानकारी स्थानीय परिवहन पुलिस एवं स्कूल शिक्षा विभाग से साझा की जाएगी। शैक्षणिक वाहनों के नियमित निरीक्षण, व्हीकल ट्रेकिंग डिवाईस का परीक्षण कटना इत्यादि आवश्यक है।

स्कूल बसों के संचालन में मान्यता नियम 2017 के नियम 5 (20) अन्य शर्ते (6) अंतर्गत विद्यालय को यह सुनिश्चित करना होगा कि वाहन हेतु शासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन किया जाए। विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा संबंधी प्रावधान तथा स्कूल बस में महिला कंडक्टर / महिला शिक्षिका / महिला स्टाफ की अनिवार्य उपस्थिति, समस्त शैक्षणिक व गेट शैक्षणिक स्टाफ, ड्राइवर, कंडक्टर, माली, चौकीदार, आउट सोर्स पर रखे गए कर्मचारी का चरित्र सत्यापन इत्यादि का अनुपालन आवश्यक रूप से किया जाए। म.प्र. माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शाला मान्यता नियम 2017 के नियम 18 अंतर्गत विद्यालय के समस्त शैक्षणिक व अशैक्षणिक स्टाफ से उनके विरुद्ध लैंगिक अपराधो से बालकों का सरंक्षण अधिनियम 2012 तथा किशोर न्याय अधिनियम 2020 के अंतर्गत कोई मामला दर्ज न होने सम्बन्धी शपथ पत्र लेकर संधारित किया जाए।

स्कूल के आसपास नहीं बिकेंगे जंकफूड और तंबाकू के उत्पाद:

उच्च न्यायालय के निर्णय के अनुपालन में मध्यप्रदेश शासन द्वारा विद्यालय के परिसर अथवा आसपास जंकफूड, गुटखा, तंबाखू से संबंधित उत्पाद का विक्रय पूर्णत: प्रतिबंध किया गया है ।शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत बच्चों के अधिकारों से जुड़े प्रविधानों में एक महत्वपूर्ण प्रविधान बच्चों को शारीरिक दंड और मानसिक उत्पीड़न के निषेध से संबंधित है। मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग ने विद्यालयों में बच्चों को शारीरिक दंड दिए जाने को प्रतिबंधित करने के संबंध में निर्देश जारी किए हैं, इस संबंध में समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन किया जाए। आपातकालीन परिस्थितियों यथा अत्यधिक गर्मी/ वर्षां/ ठंड इत्यादि अन्य तात्कालिक समस्याओं के संबंध में जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले आदेश / निर्देश का अनिवार्यतः पालन किया जाए।

बैतूल जिले के अंतर्गत संचालित सीबीएसई / आईसीएसई / मध्यप्रदेश शासन / माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश भोपाल से सम्बद्ध मान्यता प्राप्त विद्यालयों में उक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। निर्देश अपालन की स्थिति में संबंधित दोषी विद्यालय की नियमानुसार मान्यता समाप्त करने / अनापत्ति वापस किए जाने हेतु कार्यवाही की जाएगी।

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