Advocates blocked the road: नए विधिक कानूनों के विरोध में अधिवक्ताओं ने किया चक्का जाम

एक घंटे तक थमे रहे बसों का पहिए, जिला अधिवक्ता संघ ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन 

बैतूल। जिला अधिवक्ता संघ ने केंद्र सरकार द्वारा एक जुलाई 2024 से लागू किए जा रहे तीन नए विधिक कानूनों के विरोध में मंगलवार 11 जून को जिला अधिवक्ता संघ बैतूल के अध्यक्ष संजय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में बस स्टैंड चौक कोठी बाजार पर चक्का जाम किया। अधिवक्ता संघ के सहसचिव कलश कुमार दीक्षित ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के लागू होने से अधिवक्ताओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने बताया कि इन नए कानूनों में धारा और परिभाषाओं में किए गए बदलावों के कारण अधिवक्ताओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। वर्तमान में एलएलबी के छात्रों को भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता, और साक्ष्य अधिनियम पढ़ाया जाता है। नए कानूनों के लागू होने से इन छात्रों और अधिवक्ताओं को अपनी शिक्षा और प्रैक्टिस में बदलाव लाना पड़ेगा, जो उनके लिए चुनौतीपूर्ण होगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, करीब एक घंटे तक बसों का पहिया थमा रहा। बस ड्राइवरों ने भी इस चक्का जाम में अपना सहयोग दिया। अधिवक्ता संघ ने जिला कलेक्टर बैतूल के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें इन तीनों विधिक कानूनों को लागू करने के संबंध में पुनर्विचार की मांग की गई। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता गण, पक्षकार सहित एलएलबी के छात्र उपस्थित थे। सभी ने एकजुट होकर सरकार के निर्णय का विरोध किया और अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। अधिवक्ता संघ ने सरकार से पुनर्विचार की मांग की है ताकि उनके और एलएलबी छात्रों के हितों की रक्षा हो सके।

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