fake tribal: फर्जी आदिवासी बनकर जनजाति सदस्य की भूमि खरीदने का आरोप
आदिवासी महिला ने कलेक्टर से की शिकायत, भूमि के नामांतरण पर रोक लगाने की मांग

बैतूल। आदिवासी बाहुल्य जिले में गैर आदिवासियों के द्वारा आदिवासियों की जमीन की खरीद-फरोख्त करने का षडयंत्र भूमाफियाओं के द्वारा किया जा रहा है। जिले में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां आदिवासियों की जमीन पर गैर आदिवासियों ने कब्जा किया हुआ है। यहां तक कब्जा के आधार पर आदिवासी की जमीन गैर आदिवासी को विक्रय कर दी गई है। आदिवासियों की जमीन हड़पने के लिए बड़ा गिरोह भूमाफियाओं के साथ मिलकर बेधड़क कर रहा है। हाल ही में आदिवासी की जमीन गैर आदिवासी को बेचने का मामला जनसुनवाई में सामने आया है। आदिवासी महिला बेबी पिता मधु उइके निवासी अर्जुन नगर ने शिकायत आवेदन में बताया कि।उनकी कृषि भूमि ग्राम चिखलार तह.बैतूल खसरा न. 23/3 कुल रकबा (1.416) मे से 0.472 हेक्टर विक्रम उइके की गैर आदिवासी पत्नी सुनीता उर्फ सुन्नो के नाम पर डरा धमका कर षडयंत्रपूर्वक रजिस्ट्री करवा ली गई है।
आदिवासी महिला ने नामांतरण पर रोक लगाने की मांग करते हुए कलेक्टर आवेदन सौंपा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि गैर आदिवासियों के द्वारा फर्जी तरीके से आदिवासी के नाम पर रजिस्ट्री कराके उस पर कब्जा करके जमीन का उपयोग करते हुए लाखों का लाभ अर्जित किया जा रहा है। इस तरह के फर्जीवाड़ा को अभियान चलाकर जांच की जाकर वास्तविक आदिवासी को जमीन दिलाई जाए।




