सरदार विष्णु सिंह गोंड मूर्ति स्थापना दिवस पर बैतूल में निकलेगी 50 हजार आदिवासियों की महारैली
रैन बसेरा पड़ापेंन ठाना सदर बैतूल में बैठक आयोजित कर बनाई रूपरेखा

बैतूल। सरदार विष्णु सिंह गोंड मूर्ति स्थापना दिवस पर 11 अगस्त को बैतूल में जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) के नेतृत्व में 50 हजार से अधिक आदिवासियों की विशाल महारैली निकाली जाएगी। रैली में आदिवासी समाज पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021 में कोठी बाजार बस स्टैंड पर स्थापित सरदार विष्णु सिंह गोंड की प्रतिमा के स्थापना दिवस पर जयस हर वर्ष यह आयोजन करता है।
महारैली की तैयारियों को लेकर शनिवार को रैन बसेरा पड़ापेंन ठाना सदर बैतूल में बैठक आयोजित की गई। बैठक में रैली की सफलता के लिए विभिन्न दायित्व कार्यकर्ताओं को सौंपे गए तथा रैली का मार्ग और व्यवस्थाएं तय की गईं। पानी की व्यवस्था गंज चौक, कॉलेज चौक और बस स्टैंड पर रहेगी। स्वास्थ्य सेवाओं के भी विशेष प्रबंध किए जाएंगे। रैली के दौरान शहर की शराब दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रतिभागियों से अपने साथ डंडा और झंडा लेकर आने का आग्रह किया गया है।
– सुबह 11 बजे निकलेगी महारैली
रैली 11 अगस्त को सुबह 11 बजे रैन बसेरा पड़ापेंन ठाना सदर बैतूल से सुमरनी एवं गोगो पूजन के साथ शुरू होगी। इसके बाद रैली मैकनिक चौक, दिलबहार चौक, जेएच कॉलेज चौक, मुर्गी चौक, लल्ली चौक होते हुए बस स्टैंड पहुंचेगी, जहां सरदार विष्णु सिंह गोंड की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा और समाज के लोगों के उद्बोधन होंगे। इसके बाद रैली मुल्ला पेट्रोल पंप, अंबेडकर चौक से होते हुए रानी दुर्गावती ऑडिटोरियम पहुंचेगी। यहां सामाजिक कार्यकर्ताओं के उद्बोधन, आदिवासी नृत्य कार्यक्रम तथा भोजन प्रसादी के बाद आयोजन का समापन होगा।
– व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी तय
महारैली की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी रितिक बाबा परते जयस जिला उपाध्यक्ष और दिलीप पंद्राम जयस शिक्षा प्रभारी को सौंपी गई है। बैठक में जयस जिला अध्यक्ष संदीप कुमार धुर्वे, जयस जिला सचिव राजकुमार काकोड़िया, जयस नगर अध्यक्ष राजू उइके, ब्लॉक अध्यक्ष बैतूल मनीष परते, ब्लॉक अध्यक्ष चिचोली शिवम उइके, महासचिव राज रावण परते, जयस जिला मीडिया प्रभारी सौरभ सलामे, ब्लॉक अध्यक्ष आमला गोविन्द उइके, ब्लॉक अध्यक्ष घोड़ाडोंगरी हरी उइके, राजेंद्र उइके, सोनू धुर्वे, विकास उइके, संजू धुर्वे, मनीषा उइके और नीतू कुमरे सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
– संस्कृति और एकता का होगा प्रदर्शन
जयस के अनुसार महारैली को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। संगठन का दावा है कि 50 हजार से अधिक आदिवासी इसमें शामिल होंगे। पारंपरिक वेशभूषा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से आदिवासी संस्कृति, एकता तथा सरदार विष्णु सिंह गोंड के योगदान को सम्मान दिया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह आयोजन समाज को नई दिशा और प्रेरणा देने वाला साबित होगा।




