autism spectrum: स्वास्थ्य टीम ने 7 वर्ष तक के बच्चों का किया परीक्षण
छोटे बच्चों में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार पहचानने हुआ शिविर का आयोजन

बैतूल। शहर के वंडर पब्लिक स्कूल में स्टेपिंग स्टोंस मेडिकेयर हॉस्पिटल के तत्वावधान में कक्षा नर्सरी से दूसरी तक के बच्चों के लिए शिविर का आयोजन किया गया। इस कैंप का उद्देश्य 0 से 7 वर्ष तक के बच्चों के आत्म केंद्रित (ऑटिज्म), एडीएचडी एवं दूसरे विकार (डिसऑर्डर्स) को चिन्हित करना था। स्कूल के डायरेक्टर प्रशांत पाल ने बताया कि आजकल यह विकार इस उम्र के बच्चों में बहुत सामान्य है। इसी के चलते बच्चों का कैंप के माध्यम से चेकअप करवाया गया। मेडिकेयर हॉस्पिटल के मैनेजर गौरव शर्मा ने बताया कि बैतूल में कई बच्चे इन विकारों से जूझ रहे हैं। अभिभावक जानकारी के अभाव होने की वजह से उपचार नहीं कर पाते। जिस वजह से वह सारी उम्र उपरोक्त विकारों से ग्रसित रहते हैं। इन विकारों का उपचार 0 से 4 वर्ष तक होता है। इस आयोजन में स्कूल की प्रिंसिपल भारती धोटे, अस्पताल की स्पेशल एजुकेटर मोनी पटेल एवं रचना बिहारिया का विशेष योगदान रहा। स्कूल डायरेक्टर प्रशांत पाल ने आग्रह किया कि अभिभावक उपरोक्त विकारों की विस्तृत जानकारी के लिए स्टेपिंग स्टोंस के हेल्पलाइन नंबर 7879498557 पर संपर्क कर सकते हैं।




