Betul news: मजदूरों के हक पर डाका डाल सहायक सचिव ने जेसीबी से कराया काम
शाहपुर जनपद के ग्राम पंचायत तारा का मामला

Betul news: बैतूल। गरीबों को रोजगार देने की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण योजना मनरेगा में लूट और भ्रष्टाचार रुकने का नाम ही नहीं ले रहा। इन योजनाओं का लाभ कुछ अधिकारी और उनसे जुड़े हुए संबंधित लोगों के कारण गरीब तक नहीं पहुंच पा रहा क्योंकि जिले में पंचायत कर्मियों की मनमानी इस हद तक बढ़ गई है कि अधिकारी भी इसे रोक पाने में असमर्थ हैं।
ऐसा ही एक मामला शाहपुर जनपद के ग्राम पंचायत तारा में सामने आया है, जहां मजदूरों की जगह जेसीबी मशीन से खुलेआम डेम निर्माण कार्य कराया जा रहा है l जिससे ग्रामीण मजदूर रोजगार की समस्या से जूझ रहे हैं। पंचायत में रोजगार गारंटी योजना के तहत काम की कमी से गरीब ग्रामीण पहले से परेशान हैं और अब पंचायत डेम निर्माण में मजदूरों का हक छीन कर मशीनों के जरिए काम करा रही है जिससे ग्रामीण मजदूरों के सामने काम की समस्या आ गई है।
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इस मामले की शिकायत मंगलवार को जनसुनवाई में की गई है। शिकायतकर्ता चितरंजन इवने, चंदन, देवा सहित अन्य ग्रामीणों ने सहायक सचिव राजकुमारी आर्य पति पप्पु आर्य के खिलाफ पंचायत के कार्यों में भ्रष्टाचार कर शासकीय राशि के दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत तारा में डेम निर्माण कार्य में गांव के मजदूरों को दरकिनार कर उनकी जगह मशीन का उपयोग किया जा कर रहा है। सहायक सचिव ने इस काम को ठेके पर दे दिया है जबकि यह कार्य मनरेगा योजना के तहत स्वीकृत है लिहाजा मजदूरों का उपयोग किया जाना चाहिए था पर नहीं किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने सहायक सचिव पर आरोप लगाते हुए बताया कि इस पंचायत में हो रहे निर्माण कार्यों को ठेकेदार अपनी मनमर्जी से कर रहे हैं इनके कार्य को देखने के लिए ना तो पंचायत के जिम्मेदार मौके पर रहते है और ना ही जनपद के अधिकारी। पूर्व में हुए निर्माण कार्य में भी लीपापोती की गई।
चौपाल निर्माण में भी किया भ्रष्टाचार
शिकायतकर्ता चितरंजन का कहना है की जेसीबी मशीन से कार्य करने का वीडियो उनके पास उपलब्ध है। ग्राम में चौपाल एवं पुलिया का कार्य किया गया है उसमें भी रूपयो का गबन किया है। राशन के कुपन के लिये रूपयो की मांग की जा रही है, मजदूरों ने जो कार्य किया है उसकी भी राशि अभी तक नही दी जा रही है। राशि की मांग करने पर मजदूरों से अभद्र व्यवहार किया जाता है। शिकायतकर्ता ग्रामीणों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।




