बिजली कटौती से डूडर गांव में हाहाकार

जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण

बैतूल। विकासखंड प्रभात पट्टन अंतर्गत ग्राम पंचायत रजापुर के ग्राम डूडर में बिजली कंपनी द्वारा पूरे गांव की बिजली काट दिए जाने से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। रात होते ही गांव अंधेरे में डूब जाता है, जिससे भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। इसी गंभीर समस्या को लेकर सोमवार को ग्रामीण जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े के साथ कलेक्टर से मिलने पहुंचे और बिजली बहाल कराने की गुहार लगाई।
ग्राम की महिला संतोषीबाई उइके ने कलेक्टर को बताया कि रात में अंधेरा रहने के कारण छोटे बच्चे डर के मारे पूरी रात रोते रहते हैं। गांव जंगल क्षेत्र से लगा होने के कारण जंगली जानवरों का भय बना रहता है, जिससे महिलाओं और बच्चों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
ग्रामीण महेश इवने ने कलेक्टर को अवगत कराया कि जिन उपभोक्ताओं ने बिजली का बिल जमा कर दिया है, उनकी भी बिजली काट दी गई है, जो उनके साथ अन्याय है। उन्होंने बताया कि शनिवार के दिन बिजली कंपनी के कर्मचारियों को बकाया राशि के रूप में एक लाख बीस हजार रुपए की वसूली सौंपी गई, इसके बावजूद पूरे गांव की बिजली बंद कर दी गई।
– जेई के खिलाफ अभद्रता के आरोप
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली कंपनी बिसनूर के जेई गुजरे ग्रामीणों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों की मांग है कि जिनका बिजली बिल जमा है, उनके कनेक्शन तत्काल जोड़े जाएं और गांव में नियमित बिजली आपूर्ति बहाल की जाए।
जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े ने कलेक्टर को बताया कि डूडर गांव में आदिवासी और हरिजन परिवार निवास करते हैं, जिनका मुख्य व्यवसाय मजदूरी है और वे इसी से अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। रात के समय सांप, बिच्छू और जंगली जानवरों का डर बना रहता है, जिससे छोटे बच्चे सो नहीं पाते और महिलाएं भय के साए में जीवन जीने को मजबूर हैं।
– कलेक्टर ने महाप्रबंधक को दिए निर्देश
कलेक्टर ने ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल जमा है, उनकी बिजली तत्काल जोड़ने के निर्देश महाप्रबंधक बिजली कंपनी को दिए। कलेक्टर से मुलाकात करने वालों में मुकेश कुबडे, संजय सिंगारे, रमेश गव्हाड़े, सुरेश भलावी, हरिचंद बेलवशी, तेजीलाल धुर्वे, सोमजी कुमरे, श्यामरती सिंगारे, ओझाराम इवने सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।

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