Betul news: जिले में पुराना है रेत माफियाओं के तांडव का इतिहास, बड़ा सवाल- इनपर कौन कसेगा नकेल?

वन क्षेत्र की नदी से अवैध उत्खनन करते वायरल हुआ वीडियो, कार्रवाई करने से बच रहे जिम्मेदार

Mining News : बैतूल। घोड़ाडोंगरी क्षेत्र में एक बार फिर रेत माफियाओं का कहर देखने को मिला हैं। माफिया वन भूमि क्षेत्र की नदियों को बेखौफ होकर लगातार छलनी कर रहे हैं। बड़ा सवाल यह है कि इन माफियाओं पर नकेल कौन कसेगा? गौर करने वाला विषय यह है कि इस मामले को लगातार उठाए जाने और सबूत के तौर पर फोटो वीडियो अधिकारियों को उपलब्ध करवाने के बावजूद खनिज विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठा रहे हैं।

रेत के अवैध उत्खनन को लेकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश के बावजूद अवैध कारोबार बंद होना तो दूर दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि सुबह से लेकर शाम और रात भर रेत माफिया के वाहन बासपुर नदी के करीब घाटों से रेत का अवैध उत्तखनन करके खुलेआम ट्रैक्टर ट्रॉलियों से रेत का परिवहन कर रहे हैं। रेत के इस अवैध कारोबार के पीछे किस नेता या अफसर का हाथ है यह तो क्लियर नहीं है, लेकिन जिस तरह से बेखौफ होकर रेत माफिया रेत का अवैध कारोबार कर रहे हैं, उसे देखकर एक बात तो तय है कि रेत माफियाओं को प्रशासन और पुलिस की सह तो है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता।

 जांच के लिए मौके पर नहीं पहुंचे माइनिंग इंस्पेक्टर

बासपुर की अवैध खदान से रेत की गाड़ी भरते हुए फोटो कैमरे में कैद हुई है। शिकायत के बावजूद माइनिंग इंस्पेक्टर जांच के लिए मौके पर नहीं पहुंचे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वन क्षेत्र में अवैध रेत खदान से 6 से 7 ट्रैक्टर रेता भरकर नदी के दूसरे पाट में रेता डंप कर रहे थे, जेसीबी के माध्यम से डंपर भरने की तैयारी की जा रही थी।

लोकेशन की फोटो वीडियो उच्च अधिकारी को देने के बाद भी कार्यवाही करने से अधिकारी बचते नजर आए। जिससे प्रतीत हो रहा है कि इस प्रकार के अवैध कार्य को इन अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते वन भूमि पर अवैध रेत खदान अब तक संचालित हो रही है। रेत की ट्राली की पर्ची बासपुर स्थित नाके से कटने के बाद रेता का परिवहनकर कर रहे ट्रैक्टर के ड्राइवर से रॉयल्टी पूछी गई तो एक गुलाबी रंग की पर्ची सामने दिखा दी गई, जिसके दम पर घोड़ाडोंगरी में रेता परिवहन चालू है।

इनका कहना…

कल की जानकारी के लिए इंस्पेक्टर को जांच करने भेजा था, मौके पर कोई नहीं था। आने की सूचना लगते ही भाग गए थे। आज फिर से नागवंशी इंस्पेक्टर को उस क्षेत्र में जांच के लिए भेजा गया है।

मनीष पालीवाल, जिला खनिज अधिकारी बैतूल।

अभी जांच के लिए स्टाफ को भेज देता हूं, मैं स्वयं भी जाकर निरीक्षण करूंगा। 

अजय वहाने, एसडीओ उत्तर वन मंडल बैतूल।

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