Crime News : वोट डालते हुए फोटो खींचकर रील बनाने वाले पर केस दर्ज
रील्स बनाना, सोशल मीडिया पर वायरल करना पड़ा महंगा

Taking A Photo While Voting : बैतूल। चुनाव के दौरान सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू किया है। इसके तहत ऐसे युवक जिन्होंने वोट देते समय न सिर्फ ईवीएम बैलेट का फोटो खींचा बल्कि उसका रील, वीडियो इत्यादि बनाकर वायरल कर दिया, उन पर एफआइआर दर्ज की गई है। मप्र लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा-128 के तहत केस पंजीबद्ध किया गया है। हाल ही में शाहपुर पुलिस में एक मामला दर्ज किया है और अन्य मामलों की तलाश की जा रही है।
अनुविभागीय अधिकारी पुलिस शाहपुर से मिली जानकारी के अनुसार देशावाडी निवासी हरिकेश ढाकरे के खिलाफ धारा 128 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 66 आई टी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। उन्होंने बताया धारा-128 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत एक साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। हरिकेश ठाकरे ने मतदान करते समय ईवीएम की बेलेट यूनिट का फोटो खींचा। उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। सामान्य निर्वाचन-2023 के पालन में यह आचार संहिता का भी सीधा उल्लंघन है। इसी आधार पर केस दर्ज किया गया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट, उस पर तरह-तरह के कमेंट्स और एक-दूसरे पर ताने मारना आम हो गया है। जिससे कई बार विवाद भी हो जाते हैं। चुनाव के दौरान भी तरह-तरह की रील्स, वीडियो इत्यादि बनाए गए जो वायरल भी हो गए। यहां तक कि लोगों ने चुनाव की गोपनीयता भी भंग कर डाली। इसके बाद अब पुलिस ने शिकायत के बाद सख्ती दिखाई है।
प्रतिबंध के बावजूद मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल ले गए मतदाता
प्रदेश में 17 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान संपन्न हुआ। मतदाताओं के द्वारा मतदान करने के बाद प्रत्याशियों को वोट डालने के फोटो एवं वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं। मतदान केंद्र पर मोबाइल फोन अंदर ले जाना प्रतिबंध होने के बावजूद बड़ी संख्या में मतदाताओं ने मोबाइल अंदर ले जाकर वीवी पेट एवं ईवीएम मशीन की फोटो खींची और सोशल मीडिया पर फोटो वायरल भी की गई। ऐसी स्थिति में मतदान की गोपनीयता भंग होती हुई नजर आ रही है, वही जागरूक नागरिक ऐसे लोगों पर कार्यवाही की मांग भी कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव के लिए 17 तारीख को प्रातः 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान संपन्न हुआ। इस दौरान मतदान केंद्र पर मतदान मशीन के पास मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध था। मतदान केंद्र में मतदाताओं को मोबाइल अंदर जाने से रोका नहीं गया ऐसे में बड़ी संख्या में मतदाताओं द्वारा मतदान करते हुए वीवी पेट मशीन और ईवीएम की फोटो ली। किस प्रत्याशी को वोट दिया गया इसकी भी फोटो लेकर इंटरनेट पर वायरल किया गया। राजनीतिक दल के समर्थकों के द्वारा बाकायदा उनके द्वारा किस प्रत्याशी को मत दिया गया इसकी फोटो सोशल मीडिया पर डाली गई तथा कुछ देर बाद वीडियो और फोटो डिलीट भी कर दी गई।
प्रतिबंध के बावजूद लापरवाही
नियम अनुसार मतदान करने के पूर्व मतदाताओं का मोबाइल जमा कराया जाता है जिसके बाद ही मतदान करने के लिए मशीन के पास भेजा जाता है लेकिन मतदान केदो पर प्रतिबंध के बावजूद लापरवाही बरती गई जिससे कि मतदाताओं ने मोबाइल अंदर ले जाकर फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल की। जागरूक नागरिकों का कहना है कि इस तरह मोबाइल फोन अंदर ले जाने से मतदान की गोपनीयता भंग हुई है। गोपनीयता भंग करने वालों पर नियम अनुसार कार्यवाही करने की मांग निर्वाचन आयोग से की गई है।




