JAYAS: जयस युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष सोनू धुर्वे ने बैतूल विधानसभा से की दावेदारी
जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन से बैतूल विधानसभा में टिकट देने की मांग

बैतूल। विधानसभा चुनाव के पहले जयस संगठन सक्रिय हो गया है। जयस से विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदार इन दिनों जयस संगठन के वरिष्ठ नेताओं के पास आवेदन कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव के लिए आवेदन प्रस्तुत कर दावेदारी करने वालों में जयस युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष सोनू धुर्वे का भी नाम सामने आ रहा है।
उल्लेखनीय है कि मप्र में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। अगले चुनाव के लिए नेताओं ने दावेदारी ठोकना शुरू कर दी है। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जयस संगठन जिले में सबसे ज्यादा चर्चित है। जयस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा भी जिले की पांच विधानसभा सीटों पर दावेदारी कर रहे नेताओं के नाम खंगाले जा रहे हैं। इसमें यह पता चला कि विधायक बनने के लिए अधिकांश सीटों पर जयस के तीन से अधिक नेता दावेदारी कर रहे हैं। जयस अभी हर क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे नामों पर चुप्पी साधे हुए है और सर्वे रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जयस सर्वे करवा रही हैं। जयस आलाकमान का कहना है कि दावेदारों को हर स्तर पर अपनी बात रखने का अधिकार है लेकिन टिकट किसे मिलेगी इसमें जमीनी सर्वे का सबसे अहम रोल होगा। माना जा रहा है कि इस बार विधानसभा चुनाव स्थानीय चेहरों पर आधारित होंगे। विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे बदलावों का बड़ा प्रभाव होता है लेकिन इस बार जनता अपने क्षेत्र के दावेदारों के चेहरे देखकर ही उन्हें चुनेगी।
आदिवासी हितों को लेकर कर रहे संघर्ष —
बता दें कि जयस युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष सोनू धुर्वे जयस संगठन में रहते हुए लगातार सक्रियता से क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को गंभीरता से उठा रहे हैं।आदिवासियों के हितों के लिए उनके द्वारा लगातार संघर्ष किया जा रहा है। बैतूल जिले सहित प्रदेश के विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को लेकर उनके द्वारा कई बार जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप कर आवाज उठाई गई। आदिवासी हितों का ध्यान में रखते हुए क्षेत्र की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्षरत रहते हैं। हाल ही में उनके द्वारा कई गंभीर विषयों को लेकर जिला प्रशासन को अवगत कराया गया। अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान को लेकर भी उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर सर्वे के आधार पर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। ऐसे ही कई जनहित के मुद्दों को लेकर भी लड़ाई लड़ रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अब उन्होंने दावेदारी पेश की है ताकि बतौर जनप्रतिनिधि के रूप में वे जनता की सेवा कर सकें।




