Demand: वनकर्मियों ने सरकार को याद दिलाया वादा, 5 सूत्रीय मांगों का निराकरण करने की मांग

मध्य प्रदेश वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण कर्मचारी संघ जिला इकाई बैतूल ने सौंपा ज्ञापन

BETUL NEWS : बैतूल। प्रदेश के मैदानी वन अमले की संशोधित वेतनमान/ग्रेड-पे सहित 5 सूत्रीय लंबित मांगों के निराकरण को लेकर मध्यप्रदेश वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण कर्मचारी संघ लगातार प्रयासरत है। मैदानी वन अमले के हितों से जुड़ीं मांगों पर पूर्व में सरकार की ओर से अनेकों बार आश्वासन पर आश्वासन दिए गए लेकिन निराकरण आज तक नहीं हो सका। सरकार के इस उदासीनतपूर्ण रवैये से नाराज वनकर्मियों ने विधानसभा चुनाव से पूर्व अपनी जायज़ मांगों पर अमल सुनिश्चित कराने के लिए आवाज़ बुलंद की है।

इसी क्रम में जिला मुख्यालय पर सोमवार 7 अगस्त को मध्यप्रदेश वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष आकाश प्रधान के नेतृत्व में वनकर्मियों द्वारा मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। वनकर्मियों ने ज्ञापन के माध्यम से शिवराज सरकार को वादा याद दिलाते हुए उसे निभाने की मांग की है। वनकर्मियों का कहना है, पूर्व में दिए गए आश्वासन के मद्देनजर हमारी न्यायोचित मांगों का निराकरण कर अविलंब आदेश जारी किए जाए।

अत्यंत ही कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में वन सम्पदा एवं वन्यजीवों के संरक्षण के दायित्व का निर्वहन करने वाले मैदानी वन अमले में प्रदेश सरकार के प्रति असंतोष और नाराजगी व्याप्त है। इसका कारण मैदानी वन अमले के हितों से जुड़ीं पांच सूत्रीय मांगों का कई वर्षों से लंबित होना है। मांगों के निराकरण को लेकर प्रदेश सरकार ने आश्वासन तो कई बार दिए लेकिन कार्रवाई करने की सुध अब तक नहीं ली। इस स्थिति में प्रदेश के वनकर्मी खुद को ठगा हुआ और उपेक्षित महसूस कर रहे है। वनकर्मियों ने विधानसभा चुनाव से पूर्व अपनी मांगों के निराकरण को लेकर राज्य सरकार पर दवाब बनाने की रणनीति के तहत नए सिरे से एकजुटता के साथ आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया है। प्रेषित ज्ञापन के माध्यम से वनकर्मियों ने वेतनमान/ग्रेड-पे सहित 5 सूत्रीय लंबित मांगों का अविलंब निराकरण कर आदेश जारी करने राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है।

वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण कर्मचारी संघकी  ये हैं मुख्य मांगें

 ज्ञापन में 5 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया है। जिसमें समस्त मैदानी वन अमले को संशोधित वेतनमान/ग्रेड-पे देने की मांग सबसे ऊपर है। मध्यप्रदेश वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण कर्मचारी संघ की मांग है कि, वनरक्षक को 5200-20200 (2400), वनपाल 5200-20200 (2800), उप वन क्षेत्रपाल 9300-34800 (3600) एवं वन क्षेत्रपाल को 9300-34800 (4200) ग्रेड-पे दिया जाये। समयमान-वेतनमान का लाभ देने संबंधी आदेश में संशोधन करते हुए दिनांक 01 अप्रैल 2006 के बाद नियुक्त वनरक्षकों नियुक्ति दिनांक से ही समयमान-वेतनमान का लाभ प्रदान किया जाए। स्थाईकर्मियों को वनरक्षक एवं विभाग में पदस्थ कम्प्यूटर ऑपरेटरों को पात्रतानुसार सहायक ग्रेड-3 के रिक्त पदों पर नियमित किया जाए तथा शेष बचने वाले कम्प्यूटर ऑपरेटरों को सूचीबद्ध किया जाए।

इसके अलावा पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने सहित वन अपराध के मामले में वन कर्मियों से वसूली करना बंद करने की मांगें शामिल हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला अध्यक्ष आकाश प्रधान, पियूष खातरकर, रासिद खान, हेमंत जोशी, भानुप्रताप वरकड़े, विष्णु सरियाम, प्रदीप पटने, प्रशांत हजारे, प्रांतीय सह सचिव रामचंद्र कवड़े, सुनील वट्टी, सरवन बारस्कर, मनमोहन सनोडिया सहित अनेक वन कर्मचारी शामिल थे।

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