Illegal Work: नाले में बंकर बनाकर चल रहा था फर्नीचर बनाने का अवैध काम
वन विभाग के मैदानी अमले को आज तक नही लगी भनक, क्या जिम्मेदारों पर कारवाई करेंगे सीसीएफ

Forest News । बैतूल: मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में चिचोली रेंज कार्यालय से चंद किमी की दूरी पर नाले में अवैध फर्नीचर बनाने का कारखाना चल रहा था। हैरानी की बात यह है कि वन विभाग के मैदानी अमले और खूफिया तंत्र को आज तक इसकी भनक भी कैसे नही लगी। सीसीएफ को जब खबर मिली तो उनके द्वारा टीम भेजी गई।
टीम मलाजपुर गांव के पास सिरकाढाना में एक खेत में पहुंची जहां नाले में बंकरनुमा झोपड़ी बनाकर धड़ल्ले से सागौन की चिराई करने की मशीनें, फर्नीचर बनाने का काम हो रहा था। बंकर नुमा झोपड़े में बिजली से चलने वाली मशीनें पाई गईं।

इन मशीनों को चलाने के लिए 2000फीट दूर से बिजली के केबल जमीन के भीतर गाड़कर लाए गए थे। मौके पर 117 नग चरपट, अर्ध निर्मित फर्नीचर, लकड़ी काटने वाले कटर बरामद हुए हैं। वन विभाग की टीम को मौके पर जीन बोरगांव निवासी अनिल मालवी मिला जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
इतने बड़े फर्नीचर बनाने के अड्डे का संचालन कौन कर रहा था, यहां पर सागौन कहां से लाया जा रहा था इन सवालों के जवाब वन विभाग को खोजना होगा।
इससे भी बड़ा सवाल यह है कि चिचोली में भारी भरकम अमला मौजूद होने पर भी बड़े पैमाने पर सागौन का फर्नीचर बनाया जा रहा था तो क्या अमले को पता ही नही चला या पता होने पर भी कारवाई नही की गई।
सीसीएफ को अब इसकी पड़ताल कर जिम्मेदारों पर कारवाई करना होगा तभी जिले में सागौन की कटाई और तस्करी कुछ हद तक रुक पाएगी।



