Education News; 300 सरकारी स्कूल ट्रायबल के हवाले होंगे
शिक्षकों द्वारा दायर की गई याचिका पर हाईकोर्ट का फैसला

Betul daily khabar: बैतूल। आदिम जाति कल्याण विभाग एवं विभाग के शिक्षकों द्वारा दायर की गई रिट अपील की सुनवाई कर मप्र उच्च न्यायालय द्वारा 12 जून 2023 को पारित अंतिम आदेश के अनुसार अब बैतूल ब्लाक के सभी तीन सैंकड़ा सरकारी स्कूलों का नियंत्रण आदिम जाति कल्याण विभाग के अधीन होगा। पूर्व में शिक्षा विभाग के शिक्षकों द्वारा दायर याचिका पर उच्च न्यायालय विकासखंड बैतूल की शैक्षणिक संस्थाओं का प्रशासकीय नियंत्रण शिक्षा विभाग के पास रखे जाने का निर्णय दिया था। हाईकोर्ट द्वारा 10 जनवरी 2005 को पारित निर्णय के बाद से बैतूल ब्लाक के सरकारी स्कूलों का प्रशासकीय नियंत्रण शिक्षा विभाग के अधीन था। हाल ही में हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश के बाद बैतूल जिले के 10 ब्लाकों में से 7 ब्लाकों की सरकारी शैक्षणिक संस्थाओं का प्रशासकीय नियंत्रण आदिम जाति कल्याण विभाग के अधीन हो जायेगा ।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1995 में आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा 18 मार्च 1995 को एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 13 जनवरी 1995 को जारी आदेश में प्रदेश के आदिवासी विकासखंडो में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सभी कनिष्ठ प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला, हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी स्कूलों को आदिम जाति कल्याण विभाग को हस्तांतरित किये जाने तथा शेष गैर आदिवासी विकासखंडो में आदिम जाति कल्याण विभागके द्वारा संचालित सभी स्कूलों को स्कूल शिक्षा विभाग को हस्तांतरित किये जाने का निर्णय लिया गया था। शासन की उक्त व्यवस्था में विकासखंडो को यूनिट माना गया था।
उक्त व्यवस्था के अनुसार बैतूल जिले के 7 आदिवासी विकासखंडोबैतूल, चिचोली, भीमपुर, भैंसदेही, आठनेर, शाहपुर, घोड़ाडोंगरी में संचालित सभी शैक्षणिक संस्थाओं का नियंत्रण आदिम जाति कल्याण विभाग के पास रहने एवं शेष तीन विकासखंडो आमला, मुलताई, प्रभातपट्टन में संचालित सभी शैक्षणिक संस्थाओं का नियंत्रण स्कूल विभाग के अधीन रखे जाने की व्यवस्था की गई थी।
शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने दायर की थी याचिका
आदिम जाति कल्याण एवं शिक्षा विभाग में शैक्षणिक संस्थाओं के हस्तांतरण के लिए लागू की गई व्यवस्था के विरूद्ध बैतूल विकासखंड के स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने मप्र उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका दायर की थी। शिक्षा विभाग के शिक्षकों द्वारा जारी रिट पिटीशन क्रमांक 14555/2003 में हाईकोर्ट द्वारा 10 जनवरी 2005 को निर्णय पारित किया था। हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश में विकासखंड बैतूल की शैक्षणिक संस्थाओं का प्रशासकीय नियंत्रण शिक्षा विभाग के पास रखे जाने का निर्णय दिया था।
हाईकोर्ट के उक्त निर्णय का पालन में आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा 17 सितंबर 2008 को जारी प्रशासकीय आदेश में उल्लेख किया था कि बैतूल जिले के बैतूल विकासखंड में संचालित शैक्षणिक संस्थाओं का नियंत्रण स्कूल शिक्षा विभाग को इस शर्त के साथ सौंपा गया है कि यह आदेश अपील याचिका क्रमांक डब्लूए 436/2007 में उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा पारित होने वाले निर्णय के अध्याधीन होगा।
बैतूल ब्लाक के शिक्षा विभाग के शिक्षकों द्वारा दायर याचिका की सुनवाई कर हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश पर आदिम जाति कल्याण विभाग शासन पक्ष के द्वारा एवं विभागीय शिक्षकों ने उच्च न्यायालय जबलपुर में रिट अपील दायर की थी। रिट अपील क्रमांक 436/2007 में उच्च न्यायालय द्वारा 12 जून 2003 को पारित अंतिम आदेश में विकासखंड बैतूल में संचालित शिक्षा विभाग की सभी संस्थाओं का नियंत्रण आदिम जाति कल्याण विभाग के अधीन होने का निर्णय दिया।
हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश के मुताबिक अब बैतूल विकासखंड में शिक्षा विभाग द्वारा संचालित 300 शैक्षणिक संस्थाओं का नियंत्रण आदिम जाति कल्याण विभाग के अधीन रहेगा। जिसमें 143 प्रायमरी, 105 मिडिल स्कूलों के साथ ही 25 हाईस्कूल और 27 हायर सेकण्डरी स्कूल शामिल है।
मप्र उच्च न्यायलय जबलपुर द्वारा पारित निर्णय के बाद मप्र शासन आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा बैतूल ब्लाक के सभी शासकीय स्कूलों का नियंत्रण आजाक विभाग के अधीन करने को लेकर आदेश जारी किया जायेगा।




