संजीवनी थमी: सात घंटे थमे रहे 108 एंबुलेंस के पहिए , वेतन करौती से नाराज स्टाफ


बैतूल जिले के 10 विकासखंड में 11 बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) एवं एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) 108-एंबुलेंस तथा 27 जननी वाहन पूर्व से उपलब्ध हैं। एकीकृत रेफरल ट्रांसपोर्ट प्रणाली अंतर्गत पांच 108 एंबुलेंस तथा 19 जननी वाहन हैं। 44 एंबुलेंस सेंवाए बंद होने से मरीज परेशान होते रहे । इन वाहनों पर तैनात 162 कर्मचारियों के द्वारा काम बंद कर दिया था। दोपहर में सीएमएचओ ने मौके पर पहुंचकर शाम छह बजे तक संचालन करने के लिए कहा। कर्मचारियों ने शाम तक सेवाएं देने के लिए सहमति दे दी लेकिन ठेका कंपनी द्वारा समस्या का समाधान ना करने पर काम फिर बंद करने की चेतावनी दे दी है।
बैतूल जिले में 108 संजीवनी एंबुलेंस का संचालन जय अम्बे एंबुलेंस सर्विस कंपनी के द्वारा किया जा रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि उनको 10 माह से वेतन में कटौती का सामना करना पड़ रहा है। हर माह मनमाने ढंग से वेतन काट दिया जा रहा है। आज तक उन्हें यह भी नही पता है कि उनका वेतन कितना है। पूर्व में भी प्रशासन से वेतन को लेकर शिकायत की गई थी। इसके बाद भी कुछ नहीं हो पाया है। परेशान होकर हमने एंबुलेंस का काम बंद कर दिया। अधिकारियों के द्वारा आश्वासन दिया गया है। यदि शाम तक कोई ठोस हल नहीं निकला तो वे फिर से हड़ताल पर चले जाएंगे।
सीएमएचओ सुरेश बौद्ध ने बताया कि शाम तक ठेका कंपनी के अधिकारी बैतूल आ रहे हैं। उनके साथ कर्मचारियों की बैठक कराई जाएगी और समस्या दूर करने का प्रयास करेंगे। यदि कोई हल नहीं निकला और कर्मचारी हड़ताल पर चले गए तो प्रशासन के साथ व्यवस्था बनाई जाएगी।




