खेती- किसानी: मानसून में देरी, जानें सोयाबीन की कौन सी किस्में देंगी भरपूर पैदावार

Know about these advanced varieties of soybean

Soyabeen Seed News : बैतूल। इस बार मानसून की रफ्तार बेहद धीमी है, इस कारण मृग नक्षत्र में खरीफ फसलों की बुवाई होने की उम्मीद बेहद कम है। देरी से मानसून की दस्तक होने से किसानों के सामने यह संकट खड़ा हो जाता है कि वे कौन सी किस्मों का चयन करें ताकि बारिश कम भी हुई तो उन्हें भरपूर पैदावार मिल सके। मध्यप्रदेश में सोयाबीन की खेती सबसे अधिक रकबे में की जाती है।

मानसून यदि रूठ भी गया तो सोयाबीन की कौन सी ऐसी किस्में हैं जो किसानों को कम से कम लागत की भरपाई करने में सक्षम हैं। आइये हम बताते है। कि किसानों को सोयाबीन की कौन सी किस्मों का चयन करना चाहिए। सोयाबीन प्रमुख नकदी फसल है। सोयाबीन की खेती में अधिकतम मुनाफा तभी कमाया जा सकता है जब उन्नत किस्मों के बीज बोए जाएं। सोयाबीन की आरवीएसएम की सभी किस्में RVSM Soybean Varieties अच्छी पैदावार देती हैं। इनमें कम दिन में पकने वाली किस्में भी शामिल हैं।

सोयाबीन की इन उन्नत किस्मों के बारे में जानिए

1. सोयाबीन आरवीएसएम-18 (प्रज्ञा): (आर.वी.एस. 2001-18)

राजमाता सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 2017 में जारी (आर.वी.एस. 2001-18) किस्म का गजट नोटिफिकेशन क्रमांक 2458 (E) दिनांक 29.08.2017 है। इस नवीनतम सोयाबीन किस्म RVSM Soybean Varieties ने अपने पहले ही उत्पादन वर्ष में अपने चमत्कारी गुणों के कारण कृषकों का दिल जीत लिया है। यह किस्म देश के मध्य क्षेत्र मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, बुंदेलखंड, मराठवाडा, विदर्भ आदि क्षेत्रों के लिए अनुशंसित की गई है।

सोयाबीन आरवीएसएम-18 (प्रज्ञा) के पकने की अवधि

सोयाबीन की आरवीएसएम-18 (प्रज्ञा) किस्म RVSM Soybean Varieties मध्यम अवधि लगभग 91-93 दिवस की होने के कारण सोयाबीन जे.एस. 9305 के लगभग पक कर तैयार हो जाएगी। मध्यम अवधि व मजबूत जड़तंत्र, फैलावदार पौधा होने के कारण कम व अधिक वर्षा तथा वर्षा के जल्दी या देर तक वर्षा होने की स्थिति बने रहने पर भी दोनों ही परिस्थितियों में समायोजन का असाधारण गुण होने के कारण कृषकों को वर्षाजन्य परिस्थितियों से नुकसान नहीं होता है और अधिकतम सोयाबीन का उत्पादन प्राप्त होता है।

आरवीएसएम-18 (प्रज्ञा) की बीज दर

इस किस्म RVSM Soybean Varieties के इन गुणों को देखते हुए लगभग 70 किलो प्रति हेक्टेयर बीज दर रखने, लाइन से लाइन की दूरी 14″ से 16″ रखने, आदर्श पौधों की संख्या 4.5 से 5.5 लाख पौधों की संख्या प्रति हेक्टेयर रखने तथा आदर्श कृषि कार्यमाला अनुसार कृषि कार्य करने पर आदर्श परिणाम सामान्य परिस्थितियों में 22 से 24 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन। किंतु व्यावहारिक रूप से किसानों द्वारा गत वर्षों में लिए गए वास्तविक अधिकतम उत्पादन का आंकड़ा इस किस्म में 30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर व इससे अधिक भी बताया गया है।

आरवीएसएम-18 (प्रज्ञा) की विशेषताएं

प्रमुख गुण (कैरेक्टर)- दाने का आकार गोल, मध्यम बोल्ड 100 दानों का वजन 10 से 11 ग्राम दाने का रंग पीला, चमकदार नाभिका(हायलम) का रंग काला, अंकुरण क्षमता लगभग 80 से 85%, पौधे का प्रकार मध्यम ऊंची किस्म RVSM Soybean Varieties , ऊंचाई लगभग 60 से 70 सेंटीमीटर। पत्तियों का आकार तीखी सकरी, फलिया रोएंदार नहीं (चिकनी), फली का रंग भूरा, तीन से चार दाने की फलियां, फलियों में चटकने (शेटरिंग) की समस्या नहीं, फूल आने की अवधि 32-36 दिवस, फूलों का रंग सफेद, पौधे की ऊंचाई अच्छी होने से हार्वेस्टर से काटने हेतु उपयुक्त। मल्टीपल रेजिस्टेंस यानी बहुरोधक किस्म होने से इस किस्म RVSM Soybean Varieties में अनेक कीट एवं बीमारियों के प्रति विशेष प्रतिरोधकता एवं सहनशीलता का गुण। विशेष रूप से यह येलो मोजेक एवं कॉलर रॉट बीमारी के प्रति सहशीलता‌ है।

2. सोयाबीन आर.वी.एस.-24: (आर.वी.एस. 20024)

राजमाता सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 2017 में जारी इस किस्म RVSM Soybean Varieties का गजट नोटिफिकेशन क्रमांक एस.ओ.1007 (E) दिनांक 30.3.2017 है। सोयाबीन की यह एक अत्यंत उन्नत किस्म है। यह देश के मध्य क्षेत्र के लिए अनुशंसित की गई है।

सोयाबीन आर.वी.एस.-24 के पकने की अवधि

सोयाबीन की यह किस्म RVSM Soybean Varieties लगभग मध्यम अवधि लगभग इनका 91-94 दिवस में आने वाली तथा मोजेक निरोधक किस्म के गुण के कारण जो कि आज की बहुत बड़ी समस्या है व अपने उच्च उत्पादन क्षमता के कारण शीघ्र ही किसानों में अपना एक मजबूत स्थान बना लेगी। इस किस्म में लगभग 70 किलो प्रति हेक्टेयर व लाइन से लाइन की दूरी 14″ से 16″ इंच रखने, 4.5 से 5.5 लाख प्रति हेक्टेयर पौधों की संख्या रखने पर आदर्श परिणाम लगभग 22 से 24 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन क्षमता व्यावहारिक व किसानों से प्राप्त उत्पादन आंकड़ों के अनुसार 30 क्विंटल से अधिक उत्पादन की पुष्टि की गई है।

सोयाबीन आर.वी.एस.-24 की विशेषताएं

प्रमुख गुण (कैरेक्टर)- दाने का आकार गोल, मध्यम -100 दानों का वजन 10 से 11 ग्राम, दाने का रंग पीला चमकदार, नाभिका (हायलम) का रंग काला, अंकुरण क्षमता लगभग 80 से 85%, पौधे का प्रकार सीधी मध्य ऊंची किस्म RVSM Soybean Varieties , सेमी इनडिटरमिनेट, सेमी इरेक्ट, पत्तियों का आकार मध्यम गोल, पत्तियां रोएंदर नहीं (चिकनी), फली का रंग भूरा, दो से तीन दाने की फलियां, फलियों में चटकने (शेटरिंग) की समस्या नहीं, फूल आने की अवधि 32 – 36 दिवस, फूलों का रंग सफेद, पौधे की ऊंचाई अच्छी होने से हार्वेस्टर से काटने हेतु उपयुक्त। येलो मोजेक, कॉलर रॉट एवं रूट रोट के प्रति सहशीलता का विशेष गुण।

सोयाबीन आर.वी.एस. 2001-4

राजमाता सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय द्वारा हाल ही में जारी की गई सोयाबीन RVSM Soybean Varieties की इस नवीनतम किस्म ने अपने पहले ही उत्पादन वर्ष में इसके दर्शाए गए गुणों के अनुसार किसानों को चमत्कारी परिणाम दिए हैं। सेमीडिटरमिनेट (अर्धपरिमित) सीधा फैलाव वाला पौधा हायलम का रंग ब्राउन (भूरा), फूलों का रंग सफेद, पौधे की ऊंचाई 50-60 सेंटीमीटर, फसल की अवधि लगभग 93 दिवस।

सोयाबीन की किस्म RVSM Soybean Varieties में तेल की मात्रा 21.5%, प्रोटीन 42%, औसत उत्पादन लगभग 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर, मजबूत जड़ तंत्र होने से जड़ सड़न, पीला मोजेक रोग, फलियां रोएंदार होने से गर्डल बीटल, सेमिलूपर आदि के लिए सहनशील, फलियों में चटकने की समस्या नहीं। जलजमाव वह भराव की स्थिति में अन्य किस्मों की तुलना में अधिक सहनशील किस्म।

अधिक फैलाव वाला मजबूत जड़ तंत्र होने से सूखा पड़ने की स्थिति में पौधे की नमी बनाए रखता है जिससे इस किस्म में सूखा निरोधक जाति के गुण भी पाए जाते हैं। अत्यधिक अंकुरण क्षमता 90/50% तक फैला वाला पौधा होने व दाना छोटा होने से कम बीज दर में अधिकतम उत्पादन व डिबलिंग हेतु सर्वश्रेष्ठ किस्म। इस किस्म ने पौधों की ऊंचाई अच्छी होने से यह हार्वेस्टर से काटने हेतु भी उपयुक्त है।

सोयाबीन आरवीएसएम 1135 किस्म

RVSM 1135 RVSM Soybean Varieties मध्यम अवधि की उच्च उत्पादन क्षमता एवं असाधारण व्याधि एवं कीट निरोधकता वाली सोयाबीन किस्म परंपरागत पुरानी किस्मों से आगे निकल चुकी है। सोयाबीन की यह किस्म विपरीत जलवायु एवं परिस्थितियों में भी उच्च प्रतिरोधकता एवं सहनशीलता के कारण तथा उच्च उत्पादन क्षमता के गुण के कारण किसानों को अधिकतम सोयाबीन का उत्पादन एवं उसके अच्छे दाम किसान को प्रदान करेगी।

1135 बीज के दाने का आकर – गोल व् मध्य रंग पिले के साथ हायमल काला रंग का देखने को मिलता है । इसी के साथ इस वैरायटी का तना काफी हद तक मजबूत व् गहरा रहता है । तीन दाने की फली के साथ पौधा करीब 3 फ़ीट की हाइट लेता है , पौधे में करीब 60-70 फली आती है और इसके साथ चमकदार पत्ते व् सफ़ेद फूल इस वैरायटी की और शान बढ़ाते है । यह 95-100 दिन में पक कर तैयार हो जाती है । सोयाबीन की यह किस्म आर.वी.एस.एम. 1135 (RVSM 1135) RVSM Soybean Varieties द्वारा दिए गए आश्चर्यकारी, चमत्कारी एवं व्यावहारिक परिणामों के परिपेक्ष्य में वैज्ञानिकों एवं किसानों द्वारा लिए गए परिणाम एवं अभिमत अनुसार 100% खरा उतरना तय है।

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