एक हजार बहनों का एक भाई, रक्षाबंधन पर राजेंद्र सिंह की कलाई पर सजेंगी राखियां
27 साल से कायम भाई-बहन का अनूठा रिश्ता, इस वर्ष राखी से सजेगा डलिया, निकलेगी शोभायात्रा; भगवान शिव के बाद बहनें बांधेंगी केंडू बाबा को राखी

बैतूल। रक्षाबंधन पर भाइयों की कलाई पर सजने वाली राखी भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक होती है। बैतूल में इस रिश्ते की अनूठी मिसाल समाजसेवी राजेंद्र सिंह उर्फ केंडू बाबा हैं, जिनकी कलाई पर रक्षाबंधन के दिन एक-दो नहीं, बल्कि एक हजार से ज्यादा बहनों की राखियां सजती हैं। बहनों की बड़ी संख्या के चलते उन्हें सामूहिक रूप से राखी बंधवाने के लिए धर्मशाला में आयोजन करना पड़ता है। बहनों के इस दुलारे भाई का रिश्ता केवल राखी के दिन तक सीमित नहीं है, बल्कि वे पूरे साल अपनी बहनों के सुख-दुख में उनके साथ खड़े रहते हैं।
– 27वें वर्ष में प्रवेश करेगा रक्षाबंधन उत्सव
अटल सेना द्वारा आयोजित श्रद्धा और भावनाओं का प्रतीक रक्षाबंधन उत्सव इस वर्ष 27वें वर्ष में प्रवेश करेगा। आयोजन 27 अगस्त गुरुवार को सुबह 11 बजे राधा-कृष्ण धर्मशाला, बैतूल गंज में आयोजित किया जाएगा। समिति की प्रमुख सदस्य श्रीमती कृष्णा नामदेव ने बताया कि सभी बहनों तक आयोजन के निमंत्रण पहुंचा दिए गए हैं। बहनों से अपना प्रवेश पास लेकर निर्धारित समय पर कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित होने का आग्रह किया गया है।
– राखियों से सजेगा डलिया, निकलेगी शोभायात्रा
श्रीमती कृष्णा नामदेव ने बताया कि इस बार सभी बहनों ने रक्षाबंधन उत्सव को कुछ अलग अंदाज में मनाने का निर्णय लिया है। बहनें मिलकर राखियों से डलिया सजाएंगी और गंज के प्रमुख मार्ग से राखी की शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा के दौरान राखी का पूजन किया जाएगा। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर भी विधिवत पूजन होगा। सबसे पहले भगवान शिव को राखी अर्पित की जाएगी और उसके बाद बहनें अपने भाई राजेंद्र सिंह, जिन्हें स्नेह से केंदु बाबा कहती हैं, को राखी बांधेंगी। गाजी से राखी की शोभायात्रा निकाले जाने की जानकारी भी समिति ने दी है।
– बहनों के लिए हमेशा खड़े रहते हैं केंडू बाबा
राजेंद्र सिंह का अपनी बहनों से रिश्ता केवल रक्षाबंधन तक सीमित नहीं है। वे बहनों की हर परेशानी और दुख में उनके साथ खड़े रहते हैं। यही कारण है कि बहनों के बीच उनका रिश्ता एक भाई से कहीं बढ़कर भरोसे और अपनत्व का बन गया है। शहर के अलग-अलग वार्डों में रहने वाली बड़ी संख्या में बहनें हर वर्ष उन्हें राखी बांधने के लिए उत्साह के साथ पहुंचती हैं।
– राखी के साथ देते हैं रोजगार का सहारा
राजेंद्र सिंह गरीब और जरूरतमंद बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी लगातार प्रयास करते हैं। बीते वर्षों में उन्होंने चार गरीब बहनों को रोजगार शुरू करने के लिए सिलाई मशीन उपहार में दी थी, ताकि वे सिलाई का काम शुरू कर अपना घर खर्च चला सकें। उनका मानना है कि बहनों को केवल उपहार देने के बजाय ऐसा सहयोग दिया जाए, जो उनके जीवन में स्थायी सहारा बने। बहनों की इसी चिंता और अपनत्व के कारण रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में बहनें उन्हें राखी बांधने पहुंचती हैं।
– सदस्यों ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
रक्षाबंधन उत्सव की तैयारियों में समिति की सेवंती साहू, सरिता पाल, ज्योति राठौड़, किरण भूमरकर, नर्मदा शेषकर, किरण पवार, सुधा खंडारे सहित अन्य सदस्यों का सहयोग रहा है। 27 वर्षों से जारी यह आयोजन अब बैतूल में भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सामाजिक सरोकार की अनूठी परंपरा बन चुका है।




