किसानों को खाद-डीजल के लिए भटकाना बंद करे सरकार : प्रितेश गंगारे।

यूरिया गायब, डीजल महंगा... किसानों को आखिर किस बात की सजा दे रही सरकार?: गंगारे। खाद और डीजल संकट से जूझ रहा अन्नदाता, यूथ कांग्रेस ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी।

बैतूल। एक तरफ सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभ का धंधा बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर खरीफ सीजन की शुरुआत में ही जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। हालात यह हैं कि खेत तैयार हैं, बारिश हो चुकी है, बोनी का समय चल रहा है, लेकिन किसान खाद और डीजल जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए भटकने को मजबूर हैं। बैतूल जिले सहित प्रदेश के कई हिस्सों में यूरिया की कमी और डीजल संकट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। यूथ कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष प्रितेश गंगारे ने इसे सरकार की अव्यवस्थित नीतियों का परिणाम बताते हुए चेतावनी दी है कि यदि तत्काल व्यवस्था नहीं सुधरी तो किसानों के हित में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि खेती के सबसे महत्वपूर्ण समय में किसानों को खाद और डीजल के लिए भटकने पर मजबूर करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। यदि सरकार और कृषि विभाग ने तत्काल व्यवस्था नहीं सुधारी तो किसानों को साथ लेकर चरणबद्ध आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और सड़क पर उतरकर संघर्ष किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

– यूरिया के लिए अपने क्षेत्र से बाहर जाने को मजबूर किसान

स्थिति यह है कि किसानों को अपने क्षेत्र में यूरिया उपलब्ध नहीं हो रही है। खाद की तलाश में उन्हें घोड़ाडोंगरी और शाहपुर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक जाना पड़ रहा है। जिस समय किसान खेतों में बोनी का काम पूरा करने में जुटा होना चाहिए, उस समय वह खाद केंद्रों और दूसरे क्षेत्रों के चक्कर लगाने को मजबूर है। इससे समय, श्रम और आर्थिक संसाधनों की अतिरिक्त हानि हो रही है।

– डीजल की बढ़ती परेशानी ने बढ़ाया आर्थिक बोझ

खाद संकट के साथ-साथ डीजल की समस्या भी किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। बोनी के दौरान ट्रैक्टर, पंप और अन्य कृषि यंत्रों का संचालन डीजल पर निर्भर रहता है। ऐसे समय में डीजल की उपलब्धता को लेकर परेशानी और बढ़ती कीमतों ने किसानों की लागत में और इजाफा कर दिया है। खेती पहले ही महंगी हो चुकी है, ऐसे में यह अतिरिक्त बोझ किसानों की कमर तोड़ने वाला साबित हो रहा है।

– फसल उत्पादन और किसानों की आय पर मंडरा रहा खतरा

यूथ कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष प्रितेश गंगारे ने कहा कि खेती के सबसे महत्वपूर्ण समय में किसानों को खाद और डीजल जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए भटकाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की अव्यवस्थित नीतियों के कारण किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि एक ओर सरकार किसानों के हितों की बात करती है, वहीं दूसरी ओर किसान खाद और डीजल जैसी आवश्यक सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

प्रितेश गंगारे ने कहा कि यदि समय रहते खाद और पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध नहीं कराया गया तो इसका सीधा असर फसल उत्पादन पर पड़ेगा। उत्पादन प्रभावित होने का मतलब किसानों की आय पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ना है। किसान पहले से ही मौसम की अनिश्चितता, बढ़ती लागत और बाजार की चुनौतियों से जूझ रहे हैं, ऐसे में यह संकट उनकी स्थिति को और कठिन बना सकता है।

– सरकार और कृषि विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

यूथ कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष प्रितेश गंगारे ने प्रदेश सरकार और कृषि विभाग से मांग की है कि प्रत्येक क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराई जाए तथा बोनी के दौरान किसानों को डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि खेती के इस महत्वपूर्ण दौर में किसानों को खाद और डीजल के लिए भटकाना बंद किया जाए और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए, ताकि किसान बिना बाधा अपनी खेती का कार्य पूरा कर सकें।

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