अवैध संविदा पर चेक बाउंस का केस खारिज, आरोपी को मिली पूर्ण दोषमुक्ति।

बैतूल। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी बैतूल श्रीमती संगीता भारती राठौर की अदालत ने चेक बाउंस मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी राजेंद्र वनत्रप को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि संविदा विधिमान्य नहीं होने के कारण आरोपी पर चेक की राशि की अदायगी की कोई जिम्मेदारी नहीं है।

परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 की धारा 138 के अंतर्गत दायर मामले में अदालत ने शिकायतकर्ता योगेश मासोदकर की याचिका खारिज करते हुए आरोपी राजेंद्र वनत्रप को दोषमुक्त घोषित किया।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि शिकायतकर्ता योगेश मासोदकर और वीणा वनत्रप के बीच किया गया वाहन विक्रय अनुबंध अवैध था। वाहन का पंजीकृत मालिक मुंबई निवासी मनीष पांडाग्रे था, न कि वीणा वंजारी। इसलिए केवल पंजीकृत स्वामी ही वाहन विक्रय अनुबंध पर हस्ताक्षर कर सकता था। केवल हस्‍ताक्षर युक्‍त चैक के आधार पर शिकायतकर्ता 2 लाख रुपये के चेक की वसूली का हकदार नहीं था।

शिकायतकर्ता योगेश मासोदकर निवासी जयप्रकाश नारायण वार्ड क्र 35 शोभापुर कालोनी पोस्‍ट पाथाखेडा थाना सारणी जिला बैतूल ने दावा किया था कि उन्होंने बैतूल के वीणा वनत्रप पति राजेन्‍द्र वनत्रप निवासी नगर पालिका रोड सारणी जिला बैतूल से मारुति सुजुकी वाहन (एमएच-04-डीजे-9882) को 2 लाख 70 हजार रुपये में खरीदा था। 50 हजार रुपये नकद दिए गए थे और शेष राशि किस्तों में चुकाने का समझौता हुआ था। बाद में 2 लाख रुपये का चेक अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गया।

हालांकि अदालत में शिकायतकर्ता के प्रतिपरीक्षण के दौरान यह तथ्य उजागर हुआ कि वाहन का असली मालिक कोई और था। अदालत ने इसे गंभीर साक्ष्य मानते हुए कहा कि अवैध संविदा पर आधारित कोई भी वित्तीय दावा मान्य नहीं हो सकता।

आरोपी राजेंद्र की ओर से अधिवक्ता भारत सेन ने मजबूत पैरवी की। अदालत ने उनके तर्कों को स्वीकार करते हुए कहा कि आरोपी पर कोई दायित्व नहीं बनता। परक्राम्‍य लिखत अधिनियम 1881 के लिए विधिमान्‍य ऋण या दायितव का होना आवश्‍यक हैं। फैसले से आरोपी परिवार में खुशी का माहौल है। इस फैसले ने एक बार फिर साबित किया कि अदालत अवैध दावों और गलत संविदाओं को बढ़ावा नहीं देती। आरोपी राजेंद्र वंजारी को पूर्ण रूप से निर्दोष पाया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button