नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा में छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा।
विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 25 छात्राएं हुईं सम्मानित। पिंक गुब्बारे छोड़कर दिया स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता का संदेश। नारी शक्ति @2047 पर विशेषज्ञों ने रखे विचार । प्राचार्य डॉ. मीनाक्षी चौबे के मार्गदर्शन में आयोजन रहा सफल।

बैतूल। जयवंती हक्सर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा का भव्य समापन छात्राओं के सम्मान और विविध कार्यक्रमों के साथ हुआ। प्राचार्य डॉ. मीनाक्षी चौबे के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में आयोजित इस पखवाड़े में संयोजक प्रो. कृष्णा गौसर के नेतृत्व में महिला प्राध्यापकों और छात्राओं ने नारी शक्ति पर आधारित सोशल मीडिया वीडियो संदेश तैयार किए। ‘पिंक रिबन’ श्रृंखला के माध्यम से छात्राओं ने नारी सशक्तिकरण का प्रभावी प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित नारी शक्ति वंदन रैली में छात्राओं ने पिंक गुब्बारे छोड़कर स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसमें निबंध प्रतियोगिता में उमा पन्द्राम प्रथम, सोनू यादव द्वितीय और वंदना सोलंकी तृतीय रहीं। पोस्टर निर्माण में हर्षित उइके प्रथम, तन्नू धोटे द्वितीय और सुहाना कावड़े तृतीय स्थान पर रहीं, जबकि रंगोली प्रतियोगिता में निकिता धुर्वे प्रथम, रोहित द्वितीय और भुवनेश्वरी तृतीय रहीं।
समापन समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि महिला एवं बाल विकास विभाग की वन स्टॉप सेंटर प्रशासक श्रीमती अनामिका तिवारी और काउंसलर श्रीमती शिखा भौरासे रहीं। अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अध्यक्षता कर रहीं वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अनीता सोनी ने छात्राओं से आह्वान किया कि वे ऊंचाइयों को छूते हुए अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखें।
संयोजक प्रो. कृष्णा गौसर ने बताया कि पखवाड़े का उद्देश्य महिलाओं को समाज में सशक्त भूमिका निभाने और चुनौतियों से पार पाने के लिए प्रेरित करना है। नारी शक्ति @2047 विषय पर अपने विचार रखते हुए श्रीमती अनामिका तिवारी ने कहा कि आज की नारी के सामने अवसर और चुनौतियां दोनों बढ़ी हैं, जिन्हें संतुलित कर देश को विकसित बनाने में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में काव्य पाठ के माध्यम से भी नारी शक्ति की अभिव्यक्ति की गई। सम्मान कार्यक्रम की संयोजक डॉ. निहारिका भावसार ने जानकारी दी कि एनसीसी, एनएसएस, युवा उत्सव, खेल और अकादमिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली लगभग 25 छात्राओं को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शील्ड और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. संतोष पवार और आभार प्रदर्शन डॉ. निहारिका भावसार ने किया। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. रीतू साहू, डॉ. शिवदयाल साहू, डॉ. राहुल सिंह ठाकुर, डॉ. दिव्या डांगे, डॉ. स्वाति लोखंडे, प्रो. योगेश्वरी पवार, प्रो. कीर्ति वराठे सहित महाविद्यालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का सक्रिय सहयोग रहा।




