गर्मी में जल आपूर्ति बनाए रखने नगर पालिका ने बढ़ाए संसाधन और व्यवस्थाएं।
टैंकर, हैंडपंप और निजी स्रोतों से बढ़ाई जा रही आपूर्ति।

बैतूल। भीषण गर्मी के बीच बैतूल नगर में जल आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए नगर पालिका ने व्यापक और प्रभावी व्यवस्थाएं की हैं। बढ़ती जल मांग को ध्यान में रखते हुए तात्कालिक और दीर्घकालिक दोनों स्तरों पर काम तेज किया गया है। वैकल्पिक स्रोतों, हैंडपंपों और टैंकरों के माध्यम से आपूर्ति को मजबूत किया जा रहा है। नागरिकों को नियमित जल उपलब्ध हो, इसके लिए हर संभव प्रयास लगातार जारी हैं।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पांडेय के अनुसार शहर में प्रतिदिन 17 एमएलडी पानी की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में माचना नदी और ताप्ती बैराज से सीमित आपूर्ति हो पा रही है। ताप्ती बैराज में पर्याप्त जल होने के बावजूद पंपिंग क्षमता के कारण केवल 8 से 10 एमएलडी पानी ही फिल्टर प्लांट तक पहुंच रहा है।
स्थिति को देखते हुए नगर में एक दिन छोड़कर जलप्रदाय किया जा रहा है ताकि सभी क्षेत्रों में समान वितरण हो सके। माचना नदी में केवल पांच दिनों की आपूर्ति के बराबर जल शेष है, जिसे सावधानीपूर्वक प्रबंधित किया जा रहा है।
जल संकट से निपटने के लिए नगर पालिका ने कई तात्कालिक उपाय किए हैं। माचना नदी के आसपास स्थित निजी नलकूपों और कुओं का अधिग्रहण कर अतिरिक्त जल लिया जा रहा है। शहर के 648 हैंडपंपों में से 602 चालू हैं और 35 हैंडपंपों में सिंगल फेस मोटर लगाई जा चुकी है। इसके अलावा सभी ओवरहेड टैंकों के पास नए बोर खनन की योजना बनाई जा रही है ताकि जरूरत पड़ने पर सीधे टंकियों को भरा जा सके।
जहां पाइपलाइन से जल आपूर्ति संभव नहीं है, वहां 13 टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है। नगर पालिका ने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी का अपव्यय न करें और कम से कम 2-3 दिनों का पानी घर में संग्रहित रखें। साथ ही बिजली बाधित होने या पाइपलाइन खराबी की स्थिति में धैर्य बनाए रखें और समस्या की सूचना तुरंत संबंधित वार्ड या नगर पालिका को दें।




