टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता खत्म करने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मिला अध्यापक संयुक्त मोर्चा।
प्रदेश अध्यक्ष ने शिक्षा मंत्री से की फोन पर चर्चा।

बैतूल। टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता को लेकर अध्यापक संयुक्त मोर्चा बैतूल के बैनर तले मंगलवार 14 अप्रैल को जिलेभर के अध्यापक और अध्यापिकाएं एकजुट होकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल से मिले। इस दौरान शिक्षकों ने टीईटी से जुड़ी अनिवार्यता को लेकर अपनी व्यावहारिक समस्याएं विस्तार से रखीं और नियमों में राहत देने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कई अनुभवी शिक्षकों के सामने अनिश्चितता की स्थिति बन रही है, जिससे शैक्षणिक कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना और मौके पर ही शिक्षा मंत्री से फोन पर चर्चा की। उन्होंने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि यह मुद्दा प्रदेश स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा और शिक्षकों के हित में उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए यह नियम व्यवहारिक कठिनाइयां पैदा कर रहा है, जिस पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष द्वारा तत्काल पहल किए जाने से शिक्षकों में उम्मीद जगी है। उन्होंने आशा जताई कि शासन स्तर पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, जिससे शिक्षकों की समस्याओं का समाधान हो सके।
ज्ञापन सौंपने वालों में सचिन राय, पंजाब गायकवाड, दिलीप गीते, राजेंद्र कटारे, रवि सरनेकर, विनय राठौड, प्रवीण नरवरे, मदन डढोरे, राजेंद्र साहू, भीम धोटे, सुनील घोरमाडे, शैलेंद्र बिहारिया, मुकेश सरियाम, प्रकाश देवडे, दीपा मालवी, राजकुमार राठौर, चंचल पांसे, राजेश गंगारे, हरिशंकर धुर्वे, ज्ञानेंद्र शुक्ला, मुकेश सरयाम, लीलाधर नागले, अशोक घोडकी, सुनील पंडाग्रे, गोकुल झरबडे, आशीष भुसारी, संजय आर्य, मनीष आर्य, मंगल मूर्ति पाटणकर, राजू मालवी, कमलेश मिश्रा, राजकुमार रसौली, प्रदीप चौधरी, कालिया सिंह कास्दे, बलवंत ठाकरे, संतोष महोबिया, शुभांगी जैन, ममता ठाकरे, अनीता धोटे, अलका ठोके सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल रहीं।




