ध्यान से बढ़ती है एकाग्रता, मन होता है शांत: विनोद जेठवा ।

शासकीय पालीटेक्निक कॉलेज में हुआ हार्टफुलनेस ध्यान कार्यक्रम ।

बैतूल। शासकीय पालीटेक्निक कॉलेज सोनाघाटी बैतूल में हार्टफुलनेस ध्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें नागपुर से पधारे प्रशिक्षक विनोद जेठवा ने लगभग 125 बच्चों को हार्टफुलनेस ध्यान की पद्धति एवं ध्यान से हमारे जीवन में क्या क्या बदलाव आते हैं, विद्यार्थियों को ध्यान करने से क्या लाभ हैं इसके बारे में बताया।

हार्टफुलनेस ध्यान के अभ्यासी कमल नयन अग्रवाल ने बताया कि हार्टफुलनेस ध्यान, हृदय आधारित ध्यान पद्धति है जो कि अपने हृदय में एक दिव्य प्रकाश की अनुभूति के विचार को लेकर किया जाने वाला ध्यान है।

अभ्यासी आशीष पचौरी ने बताया की हार्टफुलनेस ध्यान की चार विधियां हैं।

रिलेक्सेशन, मेडिटेशन, क्लीनिंग और प्रार्थना। रिलेक्सेशन की प्रक्रिया से शरीर को आरामदायक अवस्था में लाया जाता है। इसके बाद मेडिटेशन याने ध्यान किया जाता है। शाम को क्लीनिंग याने सफाई की प्रक्रिया की जाती है, जिससे हमारे दिल दिमाग की सफाई की जाती है। जो दिनभर हमारे द्वारा किए कामों की छापें, नकारात्मक विचार आदि की सफाई की जाती है। अंत में रात में सोने से पहले स्वयं एवं विश्व के कल्याण हेतु प्रार्थना की जाती है।

अभ्यासी राजेंद्र परिहार ने अपने ध्यान के अनुभव बच्चों के साथ साझा किए साथ ही बताया कि ध्यान से किस प्रकार उनके जीवन में बदलाव आए।

अंत में अभ्यासी कमल नयन अग्रवाल ने बताया कि हार्टफुलनेस ध्यान पूर्णतया निःशुल्क है कोई भी व्यक्ति बैतूल गंज स्थित ध्यान केंद्र पर आकर ध्यान प्रशिक्षक से पर्सनल सिटिंग ले सकते हैं। केंद्र पर सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक एवं 4 बजे से 8 बजे तक आकर सिटिंग (प्रशिक्षक के साथ बैठकर ध्यान करना) ले सकते हैं। साथ ही प्रति रविवार सुबह 9 से 10 एवं प्रति बुधवार शाम 6 से 7 सामूहिक ध्यान का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

साथ ही सभी स्कूलों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों से भी अपील की जाती है कि यदि आप चाहें तो स्कूल में 15 वर्ष से ऊपर की आयु वर्ग के बच्चों के लिए 3 दिवसीय निःशुल्क ध्यान कार्यक्रम बैतूल गंज हार्टफुलनेस ध्यान केंद्र पर या आपके द्वारा तय स्थान पर कर सकते हैं।

कार्यक्रम के अंत में अभ्यासी राजेंद्र परिहार ने सभी बच्चों प्राचार्य भदौरिया जी एवं समस्त स्टाफ का आभार व्यक्त किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button