आईएफडब्ल्यूजे की 144वीं कार्यसमिति बैठक में देशभर से 200 से अधिक प्रतिनिधि हुए शामिल।
मां नर्मदा उद्गम स्थल पर किया दीप प्रज्वलन और महाआरती में सहभाग । बैतूल के वरिष्ठ पत्रकार डॉ रामकिशोर पवार ने ताप्ती जल और कैलेंडर भेंट कर किया सम्मान।

बैतूल। इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (आईएफडब्ल्यूजे) के बैनर तले 28-29 मार्च को अमरकंटक में आयोजित 144वीं राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक में देशभर से 200 से अधिक पत्रकार प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मां नर्मदा के उद्गम स्थल पर दीप प्रज्वलन और शंखनाद के साथ सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में पारंपरिक रूप से अतिथियों का शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया।
सम्मेलन में पत्रकार एकता और अधिकारों को लेकर जोरदार नारे गूंजे। मुख्य अतिथि अनूपपुर विधायक फूंदेलाल सिंह मार्को और आचार्य हिमाद्री मुनि की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित हुआ। पहले दिन सभी पत्रकारों ने मां नर्मदा की महाआरती में भाग लिया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश भार्गव ने मीडिया काउंसिल गठन, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, स्वास्थ्य सुविधाएं, पेंशन व्यवस्था सरल बनाने और शैक्षणिक योग्यता की बाध्यता समाप्त करने जैसे प्रस्ताव रखे, जिन्हें सर्वसम्मति से पारित किया गया। निर्णय लिया गया कि इन प्रस्तावों को सांसदों-विधायकों के माध्यम से प्रधानमंत्री तक पहुंचाया जाएगा।
बैतूल के वरिष्ठ पत्रकार डॉ रामकिशोर दयाराम पवार ने सम्मेलन में ताप्ती जल और ताप्ती कैलेंडर भेंट कर सहभागिता निभाई। देशभर से आए पत्रकारों ने विभिन्न पवित्र नदियों का जल एक-दूसरे को सम्मान स्वरूप प्रदान किया।
दूसरे दिन प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र गौतम ने संगठन की कार्ययोजना और एकजुटता पर जोर दिया। सम्मेलन में देशभर के पदाधिकारियों ने विचार रखे। अगला आयोजन जावरा में और राष्ट्रीय सम्मेलन जून में मुंबई में आयोजित होगा।




