Police Action:बैतूल में दंगाइयों पर पुलिस ने फेंके हैंड ग्रेनेड, अश्रु गैस का प्रयोग कर खदेड़ा

Betul News: बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में पुलिस ने दंगाइयों के द्वारा किए जा रहे उत्पात को काबू में करने के लिए अश्रु गैस का प्रयोग ही नही बल्कि हैंड ग्रेनेड भी फेंके। इसके बाद भी जब दंगाइयों ने हरकतें बंद नही की तो पुलिस को दंगा नियंत्रण उपकरण एवं शस्त्रों का प्रयोग करना पड़ गया। इसमें कई दंगाई घायल भी हो गए। सभी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

यह सब हकीकत में नही हुआ बल्कि पुलिस के द्वारा की गई बलवा ड्रिल का हिस्सा था। इस दौरान जो भी कमियां पाई गईं उन्हें दूर करने के लिए पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया। पुलिस अधीक्षक बैतूल सिद्धार्थ चौधरी के दिशा निर्देशन पर आज रक्षित केन्द्र के परेड ग्राउंड पर पुलिस अधिकारियो और जवानों द्वारा कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का अभ्यास किया गया जिसे पुलिस की शब्दावली में “बलवा ड्रिल” भी कहा जाता है।

एडिशनल एसपी नीरज सोनी द्वारा विपरीत परिस्थितियों पर उग्र हो रहे प्रदर्शनकारी/दंगाईयों से कैसे निपटे और शांति व्यवस्था कैसे नियंत्रित करें । इस संबंध में विस्तारपूर्वक समझाया गया। बलवा ड्रिल में वास्तविकता लाने एएसपी के निर्देशन पर आर.आई. दिनेश मर्सकोले द्वारा पुलिसकर्मियों की दो पार्टियां बनाई गई । एक पार्टी को प्रदर्शनकारी/दंगाई बनाया गया था तथा एक पुलिस पार्टी में मजिस्ट्रेट, डॉक्टर, पुलिस आर्म्स पार्टी सहित अलग-अलग पार्टियां बनाई गई थी।

बलवा ड्रिल में बकायदा प्रदर्शनकारी एवं प्रशासन व पुलिस के मध्य चर्चा, समझाईश दिखाया गया । जब दोनों पक्षों के बीच बातचीत से समाधान नहीं हुआ और प्रद्रर्शनकारी/दंगाई उग्र होकर कानूनों का उल्लंघन करने लगे तब पुलिस पार्टी अश्रु गैस व अन्य दंगा नियंत्रण उपकरण एवं शस्त्रों का प्रयोग प्रद्रर्शनकारी/दंगाईयों को नियंत्रित किया गया । इस दौरान प्रद्रर्शनकारी/दंगाईयों के हमले से घायल पुलिसकर्मियों का बचाव का अभ्यास जवानों द्वारा किया गया।

एडिशनल एसपी नीरज सोनी द्वारा बलवा ड्रिल में पाई गई खामियों पर विस्तृत रूप से पुलिसकर्मियों को समझाया गया और आने वाले दिनों में इसका अभ्यास कर सुधार किए जाने के निर्देश दिए। बलवा ड्रिल में एसडीओपी शाहपुर सुश्री किरण चौहान, एसडीओपी सारणी रोशन जैन, एसडीओपी बैतूल/मुलताई सिंह, टीआई कोटवाली आशीष पवार, टीआई गंज रविकांत डहरिया, टीआई गोपाल घसले, मुकेश ठाकुर , नन्हेवीर, तथा पुलिस लाइन, थाना/चौकियों के पुलिसकर्मी, पुलिस अस्पताल के मेडिकल स्टाफ शामिल रहा।




