जाति आधारित जनगणना सहित पांच मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू…
भारत मुक्ति मोर्चा राष्ट्रीय एवं पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा ने बैतूल में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन । ओबीसी जनगणना, यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन और टीईटी से छूट की मांग।

बैतूल। जाति आधारित जनगणना, यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन को सख्ती से लागू करने, 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से मुक्त करने किसानों के कृषि उत्पादन पर एमएसपी गारंटी कानून लागू करने तथा बच्चियों को एचपीवी वैक्सीनेशन बंद करने की मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत करते हुए भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा ने 6 मार्च को महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के नाम कलेक्टर बैतूल के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन भारत मुक्ति मोर्चा जिला बैतूल के जिला संयोजक गुणवंत पाटनकर एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के जिला संयोजक विनोद पवार के नेतृत्व में दिया गया।
ज्ञापन में बताया गया कि भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा संविधान प्रदत्त लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत जाति आधारित जनगणना, एससी-एसटी-ओबीसी के समर्थन में सख्त यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन लागू करने, 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्त करने, किसानों के कृषि उत्पादन पर एमएसपी गारंटी कानून लागू करने तथा बच्चियों को एचपीवी वैक्सीनेशन बंद करने की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया है। राष्ट्रव्यापी आंदोलन के पहले चरण में 6 मार्च को देश के 725 जिलों में ज्ञापन दिया गया। दूसरे चरण में 13 मार्च 2026 को भारत के 725 जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। तीसरे चरण में 23 मार्च 2026 को 725 जिला मुख्यालयों पर रैली प्रदर्शन होगा, जबकि चौथे चरण में 23 अप्रैल 2026 को भारत बंद का आह्वान किया गया है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि केंद्र सरकार द्वारा कैबिनेट में ओबीसी की जाति आधारित जनगणना का निर्णय लिए जाने के बावजूद जनगणना नोटिफिकेशन में ओबीसी जातियों का कॉलम शामिल नहीं किया गया है, जिसे ओबीसी समाज के साथ धोखाधड़ी बताया गया है। मांग की गई कि इस वर्ष होने वाली राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी और सभी जातियों के कॉलम जोड़े जाए। साथ ही एससी-एसटी-ओबीसी के समर्थन में सख्त यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बनाकर लागू करने, वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से मुक्त करने, किसानों के कृषि उत्पादन पर एमएसपी गारंटी कानून लागू करने तथा बच्चियों को एचपीवी वैक्सीनेशन बंद करने की मांग भी रखी गई है।
भारत मुक्ति मोर्चा जिला बैतूल के संयोजक गुणवंत पाटनकर एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के जिला संयोजक विनोद पवार ने ज्ञापन में कहा है कि यदि इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध जनआंदोलन को और अधिक व्यापक और उग्र किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई है कि इसे संज्ञान में लेकर महामहिम राष्ट्रपति तक पहुंचाते हुए उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।





