कुन्बी समाज की संगोष्ठी में देशभर से पहुंचे 180 प्रतिनिधि, 16 संगठनों ने केन्द्रीय संरचना पर दी सहमति…
जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने दिए संगठन सुदृढ़ीकरण के सुझाव।

बैतूल। केन्द्रीय क्षत्रिय लोणारी कुन्बी समाज संगठन, भारत द्वारा 01 मार्च को समाज भवन बैतूल में आपसी संवाद संगोष्ठी का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य देश एवं विश्व में निवासरत समाज बंधुओं को संगठित करना, मार्गदर्शन प्राप्त करना तथा प्रदेश और देश में सक्रिय विभिन्न संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत तिलक एवं पुष्प स्वागत से हुई। संयोजन टीम के गोविन्दराव मानकर, श्रीमती मधुबाला देशमुख एवं श्रीमती विशाला ठाकरे ने अतिथियों का स्वागत किया। छत्रपति शिवाजी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। वरिष्ठ संयोजक श्री व्ही.आर. लोखंडे भोपाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। डॉ. एस.डी. महाले ने संगठन की अवधारणा, पूर्व गतिविधियों और भविष्य की कार्ययोजना पर प्रकाश डाला। श्री रमेश मगरदे पूना ने विभिन्न प्रकोष्ठों के गठन की जानकारी दी तथा श्री केशोराव धोटे इटारसी ने विधान, सदस्यता एवं निर्वाचन प्रणाली पर जानकारी रखी।
कार्यक्रम में लगभग 180 प्रतिनिधि शामिल हुए। डॉ. पी.आर. बोड़खे, चंद्रशेखर देशमुख, सुखदेव पान्से, श्री पाण्डुरंग लोखंडे, अजय देशमुख, उत्तम गायकवाड़, प्रवीण ठाकरे, श्रीमती मीना मानकर, पी.जी. बारसकर, धनराज कोसे, लीलाधर देशमुख एवं सदाशिव माथनकर सहित 30 संगठनों के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया। 16 संगठनों ने लिखित सुझाव देकर केन्द्रीय संगठन की कार्ययोजना पर सहमति दी। संचालन प्रभाकर दाते एवं डॉ. खुशराज धोटे ने किया। अंत में श्रीमती मधुबाला देशमुख ने आभार व्यक्त किया।




